CNG vs LPG Shortage Rajasthan: कतार में खड़े वाहन चालकों का दर्द उनके चेहरों पर साफ नजर आया। ऑटो चालकों ने बताया, "हम सुबह 4:00 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन दोपहर होने को आई और अब तक नंबर नहीं आया।"
Jaipur CNG Shortage: प्रदेश की राजधानी जयपुर में ईंधन की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति में आ रही बाधा के बीच अब शहर में सीएनजी (CNG) के लिए हाहाकार मच गया है। शुक्रवार सुबह से ही जयपुर के विभिन्न सीएनजी स्टेशनों पर वाहनों की भारी भीड़ देखी गई। आलम यह था कि ईंधन भरवाने के लिए ऑटो और कार चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
शहर के झालना स्थित शहीद बस्तीराम पेट्रोल पंप पर आज सुबह से ही नजारा बदला हुआ था। यहाँ सुबह 4:00 बजे से ही सीएनजी से संचालित ऑटो चालकों की लंबी लाइन लग गई। यह कतार इतनी लंबी थी कि पेट्रोल पंप से होते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय के दफ्तर तक पहुंच गई। टोंक रोड और अन्य प्रमुख मार्गों पर भी सीएनजी पंपों के बाहर करीब दो किलोमीटर तक लंबा जाम लगा रहा। दोपहर तक स्थिति यह थी कि कतारें कम होने का नाम नहीं ले रही थीं।
कतार में खड़े वाहन चालकों का दर्द उनके चेहरों पर साफ नजर आया। ऑटो चालकों ने बताया, "हम सुबह 4:00 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन दोपहर होने को आई और अब तक नंबर नहीं आया।" हालांकि, कुछ चालकों का कहना है कि सप्लाई में पूरी तरह कमी (Dry) जैसा तो नहीं लग रहा, लेकिन प्रेशर कम होने या पंपों पर भारी रश के कारण आज अन्य दिनों की तुलना में कई गुना ज्यादा समय लग रहा है। जयपुर में करीब एक दर्जन सीएनजी पंप हैं, लेकिन लगभग हर जगह यही स्थिति बनी हुई है।
एक तरफ वाहन चालक सीएनजी के लिए परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर गैस सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती कीमतों के विरोध में राजनीति भी गरमा गई है। जयपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से चांदपोल स्थित संजय सर्किल पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खाली सिलेंडर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आम आदमी पहले ही महंगाई से त्रस्त है और अब एलपीजी के बाद सीएनजी का संकट खड़ा होना चिंताजनक है।
सीएनजी भरवाने के लिए लगी लंबी कतारों के कारण जयपुर के कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। पंपों के बाहर सड़क तक खड़े वाहनों की वजह से आम राहगीरों को भी निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जब तक पंपों पर दबाव कम नहीं होता, तब तक राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है।