
जयपुर। देश के आधा दर्जन प्रदेशों में गत वर्षों के दौरान सरकारी नौकरी के लिए अधिकतम आयु को बढ़ाया जा चुका है। अब प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले इसकी मांग जोर पकड़ रही है।
Age Limit increase demand: अन्य राज्यों की तर्ज पर नौकरी के लिए निर्धारित आयु बढ़ाने की मांग
मध्यप्रदेश, हरियाणा, झारखंड, गुजरात, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए अधिकतम आयु 40 से 42 वर्ष निर्धारित की हुई है। इन राज्यों में यह आयु गत दस वर्षों में निर्धारित की गई है।
बेरोजगार अभ्यर्थियों की संख्या में खासी बढ़ोतरी
अब प्रदेश में अन्य राज्यों की तर्ज पर नौकरी के लिए निर्धारित आयु बढ़ाने की मांग की है। इसके लिए युवाओं का तर्क है कि राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में भर्तियां अनियमित और विवादित रही है। ऐसे में बेरोजगार अभ्यर्थियों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है।
Rajasthan assembly election: 43 हजार से अधिक बेरोजगारों ने करवाया पंजीयन
इसके साथ ही बढ़ी संख्या में कई अभ्यर्थी बेरोजगार भी हो गए? रोजगार र कार्यालय की माने तो गत तीन वर्षों में 35 से 44 वर्ष की आयु वाले करीब 43 हजार से अधिक बेरोजगारों ने रोजगार पाने के लिए उनके यहां पंजीयन करवाया है। जबकि हजारों की संख्या में बिना पंजीयन वाले हैं।
unemployed demand: नौकरी वालों के लिए 45 और हमारे लिए 35
प्रदेश में आरएएस परीक्षा के लिए बेरोजगार और सरकारी नौकरी वाले अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा अलग-अलग है। सरकारी नौकरी वाले अभ्यर्थी के लिए परीक्षा देने के लिए 45 साल आयु निर्धारित है, जबकि बेरोजगार के लिए 35 वर्ष है।
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- भाजपा ने चुनाव के दौरान सरकारी नौकरियों में पांच साल बढ़ाने का वादा किया था। सरकार में आने के बाद इसे अब तक पूरा नहीं किया गया है। जबकि अन्य रा’यों में आयु बढ़ाई जा चुकी है। सरकार को जल्द इस पर निर्णय करना चाहिए।
विनोद मदान, बेरोजगार