
राज्य में अब एक और नई बिजली कंपनी बनेगी, जिसका नाम ‘आइटीकॉम’ होगा। इसमें मौजूदा तीन बिजली कंपनियों (जयपुर, अजमेर व जोधपुर विद्युत वितरण कंपनी) की आइटी विंग को शामिल किया जाएगा। स्मार्ट मीटरिंग, ईआरपी व बिलिंग सॉफ्टवेयर से लेकर सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े सभी काम नई कपंनी के जिम्मे होंगे। राजस्थान डिस्कॉम ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर ऊर्जा विभाग को भेज दिया है। यह प्रस्ताव वित्तीय मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। यहां से मंजूरी के बाद प्रदेश में आठवीं बिजली कम्पनी का गठन होगा। हालांकि, बजट में घोषित कृषि बिजली कंपनी ’एग्रीकॉम’ का प्रस्ताव अब तक ठंडे बस्ते में है।
यों जताई जरूरत
ईआरपी सिस्टम लागू करना, जिसमें तीनों कंपनियों के कार्मिक शाखा का डेटा, वित्तीय स्थिति, संसाधन स्टॉक का लेखा-जोखा एक क्लिक पर पता चल सके। राजस्व प्रबंध सिस्टम एकरूप पैटर्न पर लागू किया जा सके।
ग्रिड को स्मार्ट मीटर बनाने पर काम होना है।
बतौर नोडल एजेंसी जयपुर डिस्कॉम की आइटी विंग ने नई बिजली कम्पनी का मसौदा तैयार किया है। कम्पनी में एक स्वतंत्र निदेशक को आइटी नवाचारों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। संभवतया आइटी से जुड़े प्रोफेशनर्स की भर्ती भी होगी।
कृषि विद्युत वितरण कंपनी का पता नहीं
मुख्यमंत्री ने बजट में कृषि विद्युत वितरण कंपनी की घोषणा की। इसके बाद ’एग्रीकॉम’ नाम से प्रस्ताव भी तैयार किया गया, लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस कंपनी के जरिए सरकार का फोकस 15 लाख किसानों को सौर ऊर्जा के जरिए दिन में ही बिजली उपलब्ध कराना और सालाना 16500 करोड़ रुपए के सब्सिडी बोझ को 50 से 70% तक कम करना था।
कंपनी का ड्राफ्ट तैयार
तीनों डिस्कॉम का आइटी सिस्टम यूनिफार्म और स्मार्ट हो, इसीलिए नई कंपनी का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। यह सर्विस कंपनी होगी। ड्राफ्ट को अभी उच्च स्तर पर भेजा है। कृषि विद्युत वितरण कंपनी गठन में तकनीकी दिक्कत है, जिस पर बातचीत चल रही है। -भास्कर ए. सावंत, प्रमुख शासन सचिव, ऊर्जा विभाग