Agentic Commerce: AI एजेंट बड़े प्लेटफॉर्म को फेवर करते हैं। छोटी दुकानें गायब होने के कगार पर। फ्रॉड का 'मशीन-टू-मशीन' तूफान और प्राइवेसी लीक का खतरा।
मोहित शर्मा.
Agentic Commerce: जयपुर. AI शॉपिंग एजेंट सुविधा ला रहे हैं, लेकिन छोटे दुकानदारों के लिए ये अस्तित्व का संकट है। फ्रॉड और प्राइवेसी का तूफान आने वाला है—2026 तय करेगा कि लोकल व्यापार बच पाएगा या नहीं। 2026 में AI शॉपिंग एजेंट (जैसे Google Gemini, ChatGPT, Microsoft Copilot) खरीदारी को आसान बना रहे हैं, लेकिन ये छोटे दुकानदारों (लोकल रिटेलर्स, छोटे ऑनलाइन सेलर्स) के लिए मौत का फरमान साबित हो सकते हैं। Experian की 2026 Future of Fraud Forecast और Forbes, E-Commerce Times जैसी रिपोर्ट्स के मुताबिक, AI एजेंट बड़े ब्रांड्स और प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Walmart, Etsy) को प्राथमिकता देते हैं।
AI एजेंट्स अब मुख्यधारा बन रहे हैं- उपभोक्ता अपनाएंगे, फ्रॉड एक्सप्लोड करेगा, और छोटे दुकानदारों का अस्तित्व दांव पर लगेगा। अगर रेगुलेशन नहीं आया, तो लोकल व्यापार बचाना मुश्किल होगा।
छोटे व्यापारी AI के 'स्मार्ट' सुझावों से बाहर हो जाते हैं, क्योंकि उनके पास AI को फीड करने लायक डेटा, API इंटीग्रेशन या मार्केटिंग पावर नहीं होती।
Forbes की रिपोर्ट कहती है कि agentic commerce 2030 तक ट्रिलियंस डॉलर की कॉमर्स हैंडल करेगा, लेकिन छोटे रिटेलर्स के लिए ये 'साइस्मिक शिफ्ट' है—ट्रैफिक, सेल्स और कस्टमर रिलेशनशिप सब खतरे में। eBay ने फरवरी 2026 से AI एजेंट्स को ब्लॉक करने का नियम बनाया है, क्योंकि ये उनके प्लेटफॉर्म पर बिना परमिशन ऑर्डर प्लेस कर रहे थे।
छोटे बिजनेस के पास ऐसी लीगल या टेक पावर नहीं, इसलिए वे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे—लोकल दुकानें, छोटे ई-कॉमर्स सेलर्स गायब हो सकते हैं।
फ्रॉड का खतरा और भी बड़ा है। Experian चेतावनी दे रही है कि 2026 'तिपिंग पॉइंट' होगा—AI एजेंट्स से 'machine-to-machine mayhem' होगा, जहां अच्छे बॉट्स (शॉपिंग करने वाले) और बुरे बॉट्स (फ्रॉड करने वाले) मिल जाएंगे। फ्रॉडस्टर फेक AI एजेंट बनाकर यूजर के क्रेडेंशियल्स चुरा सकते हैं, फेक मर्चेंट साइट्स पर पेमेंट करवा सकते हैं। Visa और Mastercard जैसी कंपनियां कह रही हैं कि AI एजेंट्स से फ्रॉड बढ़ेगा, क्योंकि ट्रांजेक्शन बिना ह्यूमन रिव्यू के होते हैं—फ्रेंडली फ्रॉड, अनऑथराइज्ड पेमेंट्स आसान हो जाएंगे।
AI एजेंट को यूजर का पूरा डेटा (पेमेंट हिस्ट्री, लोकेशन, पसंद, ब्राउजिंग) चाहिए। अगर लीक हुआ तो बड़ा नुकसान हो सकता है। डेटा ब्रोकरेज, टारगेटेड स्कैम्स बढ़ेंगे। Torys LLP और UK ICO जैसी रिपोर्ट्स कहती हैं कि agentic commerce में डेटा कलेक्शन बाहर हो रहा है, यूजर कंट्रोल खो रहा है।
छोटे दुकानदारों के लिए ये डबल ब्लो है। इससे उनकी सेल्स जाती है, और अगर फ्रॉड हुआ तो कस्टमर उन्हें ही ब्लेम करेंगे।