जयपुर

Bharat GenAI: 22 भारतीय भाषाओं में AI क्रांति: अब आपका लैम AI पूरा करेगा, आसान हो जाएगा काम

Large Language Model: 22 भाषाओं में निर्बाध एआई समाधान। भारतीय डेटासेट पर ट्रेनिंग, जिससे सांस्कृतिक संवेदनशीलता बनी रहे। क्षेत्रों में उपयोग: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शासन, डिजिटल समावेशन। एथिकल और इनक्लूसिव एआई पर फोकस – डेटा संप्रभुता और भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता।

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Feb 06, 2026

Indian Languages AI: जयपुर. आप हिंदी में बोलते हैं, मराठी में टाइप करते हैं, तमिल में सवाल पूछते हैं या बंगाली में जवाब चाहते हैं… और AI आपको उसी भाषा में सबसे सटीक, सबसे तेज़ और सबसे समझदारी वाला जवाब दे देता है। यह अब सिर्फ़ कल्पना नहीं रह गया है। सरकार का लक्ष्य है कि एआई हर नागरिक तक पहुंचे वो भी बिना भाषा की बाधा के। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बड़ा ऐलान किया है भारत 'भारत जेनएआई' (Bharat GenAI) के तहत इस महीने (फरवरी 2026) के अंत तक सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट-बेस्ड लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) पूरा कर लेगा। सब कुछ अब आपकी अपनी भाषा में, बिना किसी अनुवाद की झंझट के मिलेगा। भारत जेनएआई का यह कदम लाखों-करोड़ों लोगों के लिए AI को "एलिट क्लब" से निकालकर "हर घर की चीज" बनाने जा रहा है। अब AI सिर्फ़ पढ़े-लिखे शहरवालों का नहीं – हर भारतीय का होगा।

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15 भाषाओं में टेक्स्ट मॉडल तैयार

डॉ. सिंह ने बताया कि भारत जेनएआई भारत का पहला सरकारी स्वामित्व वाला संप्रभु (sovereign) लार्ज लैंग्वेज मॉडल है, जो भारतीय भाषाओं, संस्कृति और सामाजिक संदर्भों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। अभी तक 15 भाषाओं में टेक्स्ट मॉडल तैयार हो चुके हैं, और शेष भाषाओं का काम इस महीने पूरा हो जाएगा। साथ ही, 15 भाषाओं में पहले से ही वाणी (speech) और दृष्टि (vision) क्षमताएं विकसित की जा चुकी हैं, जिन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।

यह पहल भारत जेन (BharatGen) प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो अक्टूबर 2024 में शुरू हुई थी। भारत जेन भारत का पहला स्वदेशी मल्टीमोडल एआई मॉडल है, जो टेक्स्ट के अलावा वाणी (ऑटोमैटिक स्पीच रिकग्निशन, टेक्स्ट-टू-स्पीच) और दृष्टि (डॉक्यूमेंट विजन, इमेज समझना) को सपोर्ट करता है। यह IIT बॉम्बे के नेतृत्व में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के NM-ICPS मिशन के तहत चल रहा है।

भारत की भाषाई विविधता और तकनीकी सामर्थ्य को जोड़ने वाली पहल

डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे भारत की भाषाई विविधता और तकनीकी सामर्थ्य को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। यह इंडिया एआई मिशन का हिस्सा है, जो देश को एआई में आत्मनिर्भर बनाएगा और वैश्विक स्तर पर भारतीय भाषाओं को मजबूत आवाज देगा। यह कदम लाखों भारतीयों के लिए एआई को उनकी मातृभाषा में सुलभ बनाएगा, जिससे डिजिटल डिवाइड कम होगा और नवाचार बढ़ेगा।

मुख्य विशेषताएं

सब कुछ अब आपकी अपनी भाषा में
  • 22 भाषाओं में निर्बाध एआई समाधान (हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी आदि सहित)।
  • भारतीय डेटासेट पर ट्रेनिंग, जिससे सांस्कृतिक संवेदनशीलता बनी रहे।
  • क्षेत्रों में उपयोग: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, शासन, डिजिटल समावेशन।
  • एथिकल और इनक्लूसिव एआई पर फोकस – डेटा संप्रभुता और भारतीय मूल्यों को प्राथमिकता।

क्या है जेनएआई (GenAI) ?

जेनएआई का पूरा नाम Generative AI है, जिसे हिंदी में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या रचनात्मक कृत्रिम बुद्धिमत्ता कहते हैं। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एक खास प्रकार है, जो नई चीजें खुद बना सकता है – जैसे:टेक्स्ट में लिखित सामग्री, कहानी, जवाब, कोड आदि। इमेज में फोटो, आर्ट, डिजाइन बनाना। वीडियो में ऑडियो (गाना, आवाज, स्पीच), 3D मॉडल आदि बना सकता है।

आसान हो जाएगा काम

  • गांव का किसान भोजपुरी या मैथिली में फसल बीमारी की जानकारी पूछेगा → AI बताएगा
  • तमिलनाडु की छात्रा तमिल में होमवर्क का सवाल पूछेगी → AI हिंदी-अंग्रेजी जैसी आसानी से समझाएगा
  • बंगाल का दुकानदार बंगाली में बिजनेस आइडिया मांगेगा → AI पूरा प्लान देगा
  • असमिया, कन्नड़, उड़िया, गुजराती, पंजाबी, मलयालम… हर भाषा में अब AI आपका सहायक बनेगा

आम आदमी के लिए सबसे बड़ा फायदा

  • नौकरी के लिए CV बनवाना
  • सरकारी योजना की जानकारी लेना
  • पढ़ाई-लिखाई में मदद
  • छोटा-मोटा बिजनेस आइडिया
  • डॉक्टर से सलाह, कानूनी जानकारी, यात्रा प्लान

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Updated on:
06 Feb 2026 02:10 pm
Published on:
06 Feb 2026 02:09 pm
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