
जयपुर. इस बार अमरनाथ यात्रा करने वाले भक्तों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। इस कारण पिछले वर्ष तक दो से तीन घंटे में पूरी होने वाली रजिस्टे्रशन प्रक्रिया में करीब तीन दिनों का समय लग रहा है।
शिव भक्तों के लिए जीवन की सबसे प्रमुख माने जाने वाली अमरनाथ यात्रा इस बार एक जुलाई से शुरू होगी। हालांकि, इसके लिए इन दिनों सरकारी बैंकों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी है।दअमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव किया है, इससे लोगों को कई तरह की परेशानी आ रही है।
मेडिकल सर्टिफिकेट में कमी बताकर लौटा रहे
दरअसल, आवेदन के लिए बैंक प्रबंधन की ओर से तीन बजे बाद आने का भी हवाला दिया जा रहा है। पत्रिका ने विभिन्न बैंकों में अमरनाथ यात्रा के लिए आवेदन करने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की तो यह सामने आया कि मेडिकल फॉर्म में कमी सहित अन्य खामियां बताकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। साथ ही तीन से चार बजे के बीच ही बैंकों में ऑनलाइन आवेदन होने के कारण भी उन्हें बैंकों के अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ऐसे में कई यात्रियों ने दूसरे तीर्थ स्थलों के भ्रमण की योजना बनाई है।
अमरनाथ यात्रा में ये हैं प्रमुख बदलाव
पिछले कई वर्षों से अमरनाथ यात्रा मार्ग में भंडारा लगाने वाले जयपुर भंडारा के चेयरमैन पंकज सोनी, अध्यक्ष देवेश कंसल ने बताया कि बैंकों में बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन की बजाय श्राइन बोर्ड ऑनलाइन आवेदन को पूरी तरह से ही लागू रखें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा यात्रियों मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया जा सकता है, लेकिन कई चिकित्सक यह सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहे। गुफा के पास चार बजे तक ही ठहर सकेंगे
बीते 20 साल से श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी की यात्रा करा रहे हैं। श्राइन बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में ईकेवाईसी जरूरी कर दी है। इससे रजिस्ट्रेशन में काफी समय लग रहा है। यह प्रक्रिया सरल हो।
पवन खंडेलवाल, सेवक, भोले की फौज संगठन
यह यात्रा आस्था के लिहाज से कई मायनों में खास है। अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने के दौरान छोटी-छोटी खामियों को दूर किया जाना चाहिए, ताकि अधिक संख्या में श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंच सकें।
कार्तिक चौधरी, सेवक, लालसोट