
Construction Quality Check: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश में भवनों और सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता जांच के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। ‘सघन निरीक्षण अभियान’ नाम से यह अभियान शनिवार से यानी 1 नवंबर से पूरे एक माह तक चलेगा। इसका उद्देश्य निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव सुधांश पंत ने सभी जिला कलक्टर्स को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस अभियान की तैयारियों के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में हो रहे भवन एवं सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर समय-समय पर शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। इसलिए अब इन कार्यों की नियमित और गहन मॉनिटरिंग आवश्यक है, ताकि जनता के धन का सही उपयोग हो सके और निर्माण कार्य लंबे समय तक टिकाऊ बने रहें।
मुख्य सचिव ने बताया कि इस अभियान के लिए तीन स्तरों पर निरीक्षण समितियों का गठन किया जा रहा है। ये समितियां सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, स्वायत्त शासन विभाग और समग्र शिक्षा अभियान से संबंधित कार्यों की समीक्षा करेंगी।
सार्वजनिक निर्माण विभाग से जुड़े कार्यों के निरीक्षण के लिए अधीक्षण अभियंता (अन्य वृत्त से) और अधिशाषी अभियंता (गुण नियंत्रण खंड से) की समिति बनाई जाएगी।
नगरीय विकास, आवासन और स्वायत्त शासन विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता (गुण नियंत्रण) और अधिशाषी अभियंता (स्वायत्त शासन/नगरीय विकास विभाग) को शामिल किया गया है।
वहीं, समग्र शिक्षा अभियान के तहत होने वाले भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों की जांच अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता (गुण नियंत्रण) तथा अधिशाषी अभियंता (समग्र शिक्षा) की समिति करेगी।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि समितियों को निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता, सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देना होगा। प्रत्येक समिति अपनी सघन निरीक्षण रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपेगी, जिसके बाद कलेक्टर अपनी अनुशंसा सहित रिपोर्ट संबंधित विभाग के प्रभारी सचिव को भेजेंगे।
सरकार का मानना है कि इस सघन अभियान से निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़कों और भवनों के निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। यह अभियान प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।