जयपुर

Rajasthan Nikay Chunav : ‘क्यों झूठी खबर फैला रहे हो?’ अशोक गहलोत के पैर छूने वाले वीडियो पर कांग्रेस का पलटवार, जानें BJP को क्या कहा?

Jodhpur News : जोधपुर निकाय चुनाव में अशोक गहलोत के पैर छूने पर मचा घमासान। बीजेपी ने चुनाव आयोग से की शिकायत, कांग्रेस ने दिया करारा जवाब।
3 min read
• •
Updated: 11 Sep 2026, 2:42 PM IST
jodhpur voting controversy bjp congress clash over ashok gehlot feet touching
Ex CM Ashok Gehlot feet touching controversy - PIC

जोधपुर में नगर निगम चुनाव के मतदान के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर छूने वाले पोलिंग बूथ कर्मचारी का मामला अब एक राजनीतिक विवाद में बदल गया है। पोलिंग बूथ के अंदर हुए इस वाकये की तस्वीरें सामने आने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे मुद्दा बना लिया और इसपर ऐतराज जताते हुए इसकी शिकायत राज्य निर्वाचन आयोग से की। राजस्थान भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सौरभ सारस्वत ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी (जोधपुर कलेक्टर) और राज्य निर्वाचन आयोग को औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

भाजपा का तर्क-

भाजपा का मुख्य तर्क है कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के लिए आदर्श आचार संहिता के तहत पूर्णतः निष्पक्ष और तटस्थ रहना अनिवार्य है। भाजपा के आरोप-भाजपा का आरोप है कि पोलिंग बूथ के अंदर तैनात कर्मचारी द्वारा किसी एक दल के बड़े नेता को इस तरह 'अति-महत्व' या विशिष्ट आदर देना वहाँ आने वाले अन्य मतदाताओं की मानसिकता को प्रभावित कर सकता है। भाजपा ने इसे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का खुला उल्लंघन बताते हुए दोषी कर्मचारी और संबंधित पोलिंग टीम के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

Jodhpur Voting Controversy BJP letter- PIC

कांग्रेस का जवाब-

इधर भाजपा के आरोपों और शिकायतों पर कांग्रेस पार्टी का भी बयान आया है। जोधपुर जिला कांग्रेस कमिटी के संगठन महामंत्री ने बताया कि जोधपुर नगर निगम चुनाव के लिए मतदान के दौरान भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक झूठी खबर फैलाई गई है। जबकि हकीकत ये है कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत अपने पोलिंग बूथ पर वोट देने के लिए आम नागरिक की तरह पहुंचे थे। इसी दौरान किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा उनके पाँव छुए गए, जो कि झूठ है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि उसी बूथ पर, उसी वार्ड के एक निर्दलीय प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट भी मौजूद थे, जिन्होंने उनके पाँव छुए, जो गहलोत के प्रति उनके 'मान-सम्मान' को दर्शाता है। ये मान-सम्मान एक पिता, एक पूर्व मुख्यमंत्री और एक जननायक के तौर पर दिया गया है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी इसको गलत रूप से प्रचारित कर रही है। इसकी कांग्रेस पार्टी निंदा करती है और ये कहती है इसकी तह तक जाना चाहिए और जब तक तह तक नहीं जाए, जब तक इसका प्रचार नहीं करना चाहिए। ऐसा करके भाजपा, चुनाव प्रक्रिया के बीच माहौल खराब करने का काम कर रही है।

घटना कहाँ और कब हुई?

यह घटना आज 11 सितम्बर की सुबह की है, जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव गहलोत और बहू हिमांशी गहलोत के साथ जोधपुर के महामंदिर क्षेत्र स्थित वर्धमान जैन स्कूल के मतदान केंद्र (वार्ड संख्या 82) पर वोट डालने पहुंचे थे।

मुख्य विवाद क्या है?

अशोक गहलोत जब पोलिंग बूथ के भीतर औपचारिकताओं (पहचान पत्र मिलान और रजिस्टर पर हस्ताक्षर) के लिए टेबल के पास पहुंचे, तो वहाँ चुनाव ड्यूटी पर तैनात मतदान दल का एक सरकारी कर्मचारी अपनी कुर्सी से खड़ा हुआ और उसने आगे बढ़कर पूर्व सीएम के पैर छू लिए। चूंकि मतदान केंद्र के अंदर मीडिया और कैमरे मौजूद थे, इसलिए इस घटना का वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया तथा न्यूज चैनलों पर प्रसारित हो गया।

इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है और नियमों के तहत संबंधित मतदान कर्मी से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

अशोक गहलोत का बयान

वोट डालने के बाद जब मीडिया ने अशोक गहलोत से बातचीत की, तो उन्होंने कहा कि देश में संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्थितियां गंभीर हैं और जनता चुनाव के माध्यम से इन्हें सबक सिखाएगी।

Updated on:
11 Sep 2026, 2:42 PM IST
Published on: