जयपुर

Ashok Gehlot : ‘राजस्थान में डीएपी की किल्लत, डबल इंजन सरकार फेल’, अशोक गहलोत बोले- कालाबाजारी रोके सरकार

Ashok Gehlot : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार और केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि डीएपी की किल्लत पर डबल इंजन सरकार फेल है। सरसों की बुवाई का वक्त है और किसान डीएपी कट्टा ब्लैक में खरीदने को मजबूर है।
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Rajasthan : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका

Ashok Gehlot : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार और केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि डीएपी की किल्लत पर डबल इंजन सरकार फेल है। सरसों की बुवाई का वक्त है और किसान 1350 रुपए का डीएपी कट्टा 2100 से 2200 रुपए में ब्लैक में खरीदने को मजबूर है। सहकारी समितियों ने मांग भेज दी, पर खाद आई ही नहीं। हालत यह है कि सरकार के अपने कैबिनेट मंत्री और विधायकों को खाद की किल्लत का मुद्दा लेकर मुख्यमंत्री के पास जाना पड़ा, पर अब तक हालात नहीं सुधरे।

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा सितंबर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों से यही खबरें आ रही हैं। ऊपर से डीएपी के साथ नैनो डीएपी जैसे उत्पाद जबरन थमाने की शिकायतें भी आ रही हैं। अन्नदाता ब्लैक में खाद खरीदकर बुवाई करे, यह कैसा विकास है? भाजपा सरकार तुरंत पर्याप्त खाद उपलब्ध कराए और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई करे।

राज्य में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, चिंता की जरूरत नहीं- कृषि मंत्री

उधर राज्य में प्रदेश सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा रबी सीजन के दौरान किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रदेश में वर्तमान में 3 लाख 72 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 1 लाख 06 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 97 हजार मीट्रिक टन एनपीके तथा 2 लाख 08 हजार मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है। कम उपलब्धता एवं अधिक खपत वाले जिलों और ब्लॉकों को चिन्हित कर मांग के अनुरूप प्राथमिकता से उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

हाल ही में रबी 2026-27 के दौरान किसानों को उनकी मांग अनुरूप गुणवता युक्त उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय 'फर्टीलाईजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेट्री टॉस्क फोर्स' की बैठक आयोजित की गई थी।

इस मामले पर कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा बहकावे में आकर अनावश्यक रूप से उर्वरक खरीदने या उसका भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार केन्द्र सरकार के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर प्रदेश की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है।

फसल विविधीकरण के अनुरूप उर्वरकों की व्यवस्था

डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तिलहन एवं दलहन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत राज्य में इन फसलों के बुवाई क्षेत्र में वृद्धि प्रस्तावित की गई है, जबकि खाद्यान्न फसलों के क्षेत्रफल में कमी प्रस्तावित है। रबी 2025-26 में 39.82 लाख हेक्टेयर में तिलहनी, 20.69 लाख हेक्टेयर में दलहनी तथा 42.77 लाख हेक्टेयर में अनाज की बुवाई हुई थी।

इसके मुकाबले रबी 2026-27 में 40.06 लाख हेक्टेयर तिलहनी, 21.95 लाख हेक्टेयर दलहनी तथा 38.50 लाख हेक्टेयर अनाज की बुवाई प्रस्तावित की गई है। फसलवार प्रस्तावित क्षेत्रफल एवं उर्वरकों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए राज्य में उर्वरकों की आपूर्ति एवं वितरण की योजना तैयार की गई है।

Updated on:
09 Oct 2026 05:08 pm
Published on:
09 Oct 2026 04:57 pm