राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर 'विकास बनाम राजनीति' की जंग छिड़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार के '2 साल बनाम 5 साल' के विज्ञापनों और दावों पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने जयपुर के पास प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण सैटेलाइट अस्पतालों को रद्द किए जाने के फैसले को लेकर सरकार को घेरा है।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए वर्तमान भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गहलोत का कहना है कि सरकार की 'अदूरदर्शिता' के कारण जयपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले महत्वपूर्ण स्वास्थ्य प्रोजेक्ट्स को बंद किया जा रहा है। उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए आगामी चुनावों में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर शेयर किये संदेश में लिखा, '2 साल बनाम 5 साल' के दावों की पोल खोलती एक और हकीकत: कानोता और अचरोल में सैटेलाइट अस्पताल रद्द।'
उन्होंने लिखा, 'जयपुर के SMS अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम करने एवं सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध करवाने हेतु हमारी कांग्रेस सरकार ने अप्रैल, 2022 में जयपुर की चारों दिशाओं में सैटेलाइट अस्पताल खोलने की घोषणा की थी। इनमें दक्षिण में टोंक रोड पर शिवदासपुरा, पश्चिम में अजमेर रोड पर बालमुकुंदपुरा, पूर्व में आगरा रोड पर कानोता एवं उत्तर में दिल्ली रोड पर अचरोल शामिल थे।'
पूर्व सीएम ने आगे लिखा, 'इन चारों सैटेलाइट अस्पतालों का काम कांग्रेस सरकार के दौरान ही शुरू हो गया था। बालमुकुंदपुरा एवं शिवदासपुरा का निर्माण कार्य तो हमारी सरकार में ही लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन निर्माण पूरा होने के एक साल बाद भी वर्तमान सरकार ने इन्हें जनता को समर्पित नहीं किया है।'
गहलोत ने लिखा, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार में जमीन आवंटन होने के बावजूद सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने कानोता और अचरोल के सैटेलाइट अस्पतालों को अब रद्द कर दिया है। जबकि आगरा रोड और दिल्ली रोड पर सड़क दुर्घटनाएं सर्वाधिक होती हैं। यह फैसला भाजपा सरकार की अदूरदर्शिता और असंवेदनशीलता का प्रतीक है।'
गहलोत ने सीएम भजनलाल से कहा, 'मुख्यमंत्री जी, '2 साल बनाम 5 साल' की कागजी बातों से बाहर निकलकर हकीकत देखिए, जनता त्राहिमाम कर रही है। जनहित के ऐसे महत्वपूर्ण कामों को बंद मत कीजिए। अगर यही रवैया रहा, तो आगामी पंचायतीराज एवं नगरीय निकाय चुनावों में आपको जनता का आक्रोश देखने को मिलेगा।'