जयपुर

Rajasthan Politics : क्या है अशोक गहलोत की ‘इंतजार शास्त्र’ सीरीज़? पहले चैप्टर में भजनलाल सरकार की खोल डाली पोल !

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार की कार्यशैली पर हमला बोलने के लिए एक अनोखा डिजिटल अभियान 'इंतजार शास्त्र' शुरू किया है। इस सीरीज के जरिए वे प्रदेश के लंबित प्रोजेक्ट्स और जनता की समस्याओं को उजागर कर रहे हैं।

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Mar 24, 2026

राजस्थान की राजनीति के 'जादूगर' कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब विपक्ष की भूमिका में पूरी तरह आक्रामक नजर आ रहे हैं। सोमवार 23 मार्च की शाम ठीक 6 बजे गहलोत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर 'इंतजार शास्त्र - चैप्टर 1' रिलीज कर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। इस सीरीज के माध्यम से वे भाजपा सरकार के कार्यकाल में अटके हुए प्रोजेक्ट्स को जनता के सामने ला रहे हैं।

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'इंतजार शास्त्र' का पहला अध्याययुवाओं पर फोकस

अशोक गहलोत ने 'इंतजार शास्त्र' सीरीज़ के अपने पहले पोस्ट में राजस्थान के युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का 'इंतजार शास्त्र' युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रहा है।

  • वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग का सपना: गहलोत ने कहा कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई और MIT पुणे की तर्ज पर राजस्थान के युवाओं को सुशासन की शिक्षा देने के लिए उनकी सरकार ने जयपुर में 'महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज' (MIGSS) का निर्माण कराया था।

₹233 करोड़ का प्रोजेक्ट, 'राजनीतिक द्वेष' का आरोप

जयपुर के प्राइम लोकेशन JLN मार्ग पर बने इस भव्य संस्थान को लेकर गहलोत ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है।

  • तैयार है बिल्डिंग: गहलोत के अनुसार, ₹233 करोड़ की लागत से बना यह संस्थान साल 2024 से बनकर पूरी तरह तैयार खड़ा है।
  • अटका क्यों है प्रोजेक्ट?: पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार इसे केवल इसलिए शुरू नहीं कर रही है क्योंकि यह पिछली कांग्रेस सरकार की योजना थी। उन्होंने इसे 'राजनीतिक द्वेष' करार देते हुए शिक्षा के मंदिर को राजनीति से ऊपर रखने की सलाह दी है।

'इंतजार शास्त्र' सीरीज से बढ़ी सरकार की मुश्किलें?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गहलोत की यह रणनीति सीधे तौर पर सरकार की 'इमेज' पर प्रहार करने के लिए बनाई गई है।

  • डिजिटल स्ट्राइक: हर सोमवार या अंतराल पर इसके नए 'चैप्टर' जारी कर गहलोत उन प्रोजेक्ट्स की सूची जनता के सामने रखेंगे जो वर्तमान सरकार के समय ठप पड़े हैं।
  • युवाओं को साधने की कोशिश: पहले ही चैप्टर में युवाओं और शिक्षा को केंद्र में रखकर गहलोत ने प्रदेश के छात्र वर्ग को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है।

MIGSS: आखिर क्यों खास है यह संस्थान?

'महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट' का उद्देश्य युवाओं को लोक प्रशासन, सुशासन और सामाजिक विज्ञान में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देना है। गहलोत सरकार का विजन था कि राजस्थान के युवाओं को ट्रेनिंग के लिए मुंबई या पुणे न जाना पड़े, बल्कि जयपुर ही 'एजुकेशन हब' बने। वर्तमान में इसकी बिल्डिंग तैयार होने के बावजूद शैक्षणिक सत्र शुरू न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

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Published on:
24 Mar 2026 10:43 am
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