
राजस्थान की राजनीति के 'जादूगर' कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब विपक्ष की भूमिका में पूरी तरह आक्रामक नजर आ रहे हैं। सोमवार 23 मार्च की शाम ठीक 6 बजे गहलोत ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर 'इंतजार शास्त्र - चैप्टर 1' रिलीज कर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। इस सीरीज के माध्यम से वे भाजपा सरकार के कार्यकाल में अटके हुए प्रोजेक्ट्स को जनता के सामने ला रहे हैं।
अशोक गहलोत ने 'इंतजार शास्त्र' सीरीज़ के अपने पहले पोस्ट में राजस्थान के युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का 'इंतजार शास्त्र' युवाओं के सपनों पर भारी पड़ रहा है।
जयपुर के प्राइम लोकेशन JLN मार्ग पर बने इस भव्य संस्थान को लेकर गहलोत ने भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गहलोत की यह रणनीति सीधे तौर पर सरकार की 'इमेज' पर प्रहार करने के लिए बनाई गई है।
'महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट' का उद्देश्य युवाओं को लोक प्रशासन, सुशासन और सामाजिक विज्ञान में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देना है। गहलोत सरकार का विजन था कि राजस्थान के युवाओं को ट्रेनिंग के लिए मुंबई या पुणे न जाना पड़े, बल्कि जयपुर ही 'एजुकेशन हब' बने। वर्तमान में इसकी बिल्डिंग तैयार होने के बावजूद शैक्षणिक सत्र शुरू न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।