
राजस्थान के लाखों किसानों के लिए दिल्ली से एक बड़ी और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने संसद में स्वीकार किया है कि देश भर के किसानों पर कमर्शियल, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों का कुल 32.65 लाख करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। इस कर्ज के जाल में राजस्थान के किसान भी बुरी तरह फंसे हुए हैं, जिसके चलते प्रदेश को देश के सर्वाधिक कर्जदार 'टॉप 10' राज्यों की श्रेणी में रखा गया है।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया कि केंद्र सरकार के पास फिलहाल किसान कर्ज माफी (Loan Waiver) की कोई योजना विचाराधीन नहीं है।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में किसानों की बदहाली और कर्ज के बोझ को लेकर तीखे सवाल पूछे थे। उन्होंने सरकार से पूछा था कि क्या सरकार किसानों को इस कर्ज के दलदल से निकालने के लिए किसी राष्ट्रव्यापी कर्ज माफी योजना पर विचार कर रही है?
राजस्थान में खेती मुख्य रूप से मानसून पर आधारित है। पिछले कुछ वर्षों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और टिड्डियों के हमले ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
सरकार ने कर्ज माफी से इनकार करते हुए उन कदमों का जिक्र किया जो किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उठाए गए हैं:
राजस्थान में कर्ज माफी हमेशा से एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। हनुमान बेनीवाल द्वारा संसद में उठाए गए इस सवाल और केंद्र के जवाब के बाद अब प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होना तय है। किसान संगठनों का तर्क है कि जब तक पुराना कर्ज साफ नहीं होता, तब तक नई तकनीकों और सहायता का लाभ किसानों तक नहीं पहुँच पाएगा।
| विवरण | आंकड़ा |
| देशभर में कुल किसान कर्ज | ₹32.65 लाख करोड़ |
| राजस्थान की स्थिति | टॉप 10 राज्यों में शामिल |
| कर्ज माफी योजना | सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं |
| KCC की नई सीमा | ₹2 लाख (बढ़ाकर) |
Updated on:
24 Mar 2026 10:02 am
Published on:
24 Mar 2026 10:01 am
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