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जयपुर ।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा गुरुवार शाम को कोटा पहुंची। कोटा-जयपुर राजमार्ग पर बूंदी और कोटा जिले के गांव-गांव में लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। देर शाम कलश यात्रा भीतरिया कुंड पहुंची। यहां चम्बल नदी में कलश का विसर्जन किया गया।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी और सांसद ओम बिरला अस्थि कलश लेकर शाम सात बजे चम्बल नदी किनारे भीतरिया कुंड पहुंचे। यहां उनके साथ विधायक भवानी सिंह राजावत, संदीप शर्मा, हीरालाल नागर, चंद्रकांता मेघवाल, नगर विकास न्यास के अध्यक्ष आर.के मेहता, महापौर महेश विजय कलश को लेकर नौका में सवार होकर चम्बल के मध्य पहुंचे और मंत्रोच्चार के साथ अस्थियों का विसर्जन किया। इस दौरान यहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समाज के विभिन्न वर्गों व सामाजिक संगठनों के लोग पद यात्रा करते हुए पहुंचे। अस्थि कलश लेकर आए सांसद बिरला ने कहा कि वाजपेयी के निधन से न केवल भाजपा बल्कि पूरा राष्ट्र शोकाकुल है।
वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पुष्कर सरोवर के गऊ घाट पर मंत्रोच्चार के साथ दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की अस्थियां पुष्कर सरोवर में प्रवाहित की। इस अवसर पर पुष्कर सरोवर के घाट वेद मंत्रों से गूंज उठे । सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी एवं धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत अस्थि कलश को लेकर गौ घाट पर पहुंचे ।
वाजपेयी ने दिया मर्यादित जीवन का संदेश
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने इस मौके पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, वाजपेयी ने मूल्य आधारित राजनीति करते हुए मर्यादित जीवन का संदेश दिया। अटलजी कई बार कोटा आए। अस्थि कलश यात्रा का उद्देश्य लोगों को अटलजी की उंचाइयों के बारे में जानकारी देना है। वाजपेयी सामान्य व्यक्ति नहीं थे। जिसने भी देखा नमन किया अटल बिहारी वाजपेयी के गगनभेदी अटल जयघोष, पुष्पांजलि अर्पित करने वालों की कतार, हृदय में आदरपूर्ण भाव से पुष्प अर्पित करने वालों का सैलाब वाजपेयी के अस्थि कलश यात्रा के दौरान देखने को मिला। अस्थि कलश या़त्रा जहां से भी गुजरी लोगों भीड़ उमड़ती ही चली गई। जिसने भी देखा रास्ते में रुककर वाजपेयी को नमन किए बगैर नहीं रह सका।