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जयपुर। वाजपेयी करीब 15 साल पहले अपना जन्मदिन मनाने जयपुर आने वाले थे। उन्हें 25 दिसम्बर 2003 को 79वां जन्मदिन मनाने जयपुर आना था। उनके साथ करीब 70 लोगों का दल चार दिवसीय यात्रा पर जयपुर आने वाला था, लेकिन तय दिन से एक दिन पहले 24 दिसम्बर को अचानक ही जयपुर आ गए।
तब दिल्ली में कोहरे के कारण 24 दिसम्बर की रात 8.32 बजे उनका विमान जयपुर उतारना पड़ा था। कोहरा इतना घना था कि उन्हें करीब एक घंटे जयपुर रुकना पड़ा। जब दिल्ली में कोहरा हटता नहीं दिखा तो सड़क मार्ग से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। जानकार बताते हैं कि उसके बाद उनका जयपुर आना नहीं हुआ।
राजे की परिवर्तन यात्रा के समापन पर अाए थे जयपुर
इससे पहले वाजपेयी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की परिवर्तन यात्रा के समापन पर 10 अगस्त को जयपुर आए थे। यहां अमरूदों के बाग में भाषण दिया था। त्रिपोलिया और रामनिवास बाग में भी भाषण हुए थे। भाजपा नेताओं का कहना है कि अगस्त 2003 में परिवर्तन यात्रा के दौरान जयपुर आए तब तेज बारिश आ गई थी।
लेकिन उन्हें सुनने आई जनता डटी रही। लोगों ने दरियां सिर पर रख लीं लेकिन हटे नहीं। बारिश तेज होती रही लेकिन लोगों ने वाजपेयी का भाषण पूरा सुना। भाषण खत्म हुआ, तब ही जनता वहां से हटी।
अटल के साथ रहे जयपुर के पारीक
अटल के 50 साल से सहयोगी रहे शिवकुमार पारीक का साथ भी जयपुर की ही देन है। वर्ष 1968 में जनसंघ के नेता का शव मुगलसराय स्टेशन पर मिलने के बाद आरएसएस के आदेश पर राजस्थान बैंक की नौकरी छोड़कर पारीक वाजपेयी की सुरक्षा में तैनात हुए, जो अंतिम सांस तक वाजपेयी के साथ ही रहे। बताते हैं कि नानाजी देशमुख के निर्देश पर पारीक को वाजपेयी के साथ रखा गया।