
जयपुर। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सलामती के लिए राजस्थान में लोग हवन, पूजन, दुआ कर रहे हैं।
वाजपेयी की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। एम्स ने गुरुवार की सुबह जारी ताजा बुलेटिन में यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाजपेयी के स्वास्थ्य को लेकर लगातार नजर रखे हुए हैं।
मोदी बुधवार देर शाम वाजपेयी का हालचाल जानने एम्स गए थे और उनका उपचार कर रहे डाक्टरों से बातचीत की थी वाजपेयी का हालचाल जानने के लिए राजनेता लगातार एम्स पहुंच रहे हैं।
गुरुवार सुबह उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अस्पताल पहुंचकर डाक्टरों से वाजपेयी के स्वास्थ्य की जानकारी ली।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा , केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह , पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी उनका हाल जानने के लिए एम्स पहुंचे।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एम्स जाकर वाजपेयी की स्वास्थ के बारे में जानकारी ली। कई अन्य नेता भी पूर्व प्रधानमंत्री का हालचाल जानने अस्पताल पहुंच रहे हैं।
2009 के बाद किसी ने नहीं सुना भाषण
2009 में अटल बिहारी वाजपेयी को ब्रेन स्ट्रोक आया था। इसके बाद उन्हें बोलने में समस्या होने लगी। वह स्पष्ट तरीके से बोल पाने में अक्षम हो गए। धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य में गिरावट होती गई। उसके बाद से उन्होंने सार्वजनिक रूप से बात करते हुए नहीं सुना और देखा गया है। समय-समय पर उनकी तस्वीर जरूर सामने आई है, जिसमें वह बेहद कमजोर दिखते रहे हैं।
स्ट्रोक आने से पहले अटल डिमेंशिया नामक बीमारी से पीड़ित थे। अटल बिहारी वाजपेयी की आखिरी तस्वीर साल 2015 में सामने आई थी। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने उनके घर पहुंचे थे। उस दौरान एक ही तस्वीर सामने आई थी, जिसमें प्रणब मुखर्जी भारत रत्न लिए हुए खड़े थे और अटल कुर्सी पर बैठे थे।
फोटो में वाजपेयी बहुत कमजोर दिख रहे थे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय 11 और 13 मई 1998 को राजस्थान में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों ने भारत की परमाणु शक्ति को रेखांकित करने के साथ ही दुनिया को चौंकाया भी था। वाजपेयी दाे बार भारत के प्रधानमंत्री रहे।