जयपुर

राजस्थान में हीटवेव उधर गाइडलाइन को लगी लू… ICU से पंखा गायब, एसी खराब, Ice Cube भी नहीं

राजस्थान में हीटवेव प्रबंधन को लेकर भले ही चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है, लेकिन सवाई मानसिंह अस्पताल इसको लेकर सुस्त है।
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May 27, 2024
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जयपुर. हीटवेव प्रबंधन को लेकर भले ही चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है, लेकिन सवाई मानसिंह अस्पताल इसको लेकर सुस्त है। अस्पताल में हीटवेव को लेकर जारी गाइडलाइन की पालना भी ढंग से नहीं हो पा रही है। हालात ये हैं कि अस्पताल प्रशासन ने जिस वार्ड व आइसीयू में हीटवेव मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए हैं, वहां पर्याप्त व्यवस्थाएं तो दूर स्टाफ को भी इस संबंध में पूरी जानकारी नहीं है। इधर, मोचर्री में भी इंतजाम नहीं है। शव लेने आने वाले लोग गर्मी से परेशान होते हैं। छाया, हवा-पानी का कोई इंतजाम नहीं है। गौरतलब है कि गत दिनों अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा ने एसएमएस अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई थी। फिर भी यही हाल है।

आईसीयू में नाकाफी दिखे इंतजाम, स्टाफ भी परेशान- अस्पताल के प्रथम तल पर बने दस बेड के कोविड डेडिकेटेड आइसीयू में अब हीटवेव से ग्रस्त गंभीर मरीज भर्ती हो सकेंगे। ऐसे में कोविड और स्वाइन फ्लू के मरीज अब एक साथ रहेंगे। गाइडलाइन के तहत हीटवेव के आईसीयू में हवा-पानी के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, जो नहीं दिखे। चार मेंं से दो एसी बंद थे, जबकि एक पंखा ही गायब था। आइसीयू में भर्ती तीन मरीज गर्मी से बेहाल दिखे। यहां आईस क्यूब या आईस पैक के भी इंतजाम नहीं थे। यहां तक कि स्टाफ के बैठने की कुर्सियां भी टूटी हुई थीं। नर्सिंग स्टाफ व रेजीडेंट ने बताया कि असुविधाएं हो रही है। आइसीयू के अनुकूल इंतजाम नहीं है।

वार्ड में स्टाफ बोला, मुझे तो पता नहीं

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि साउथ विंग के भूतल स्थित वार्ड में हीटवेव से ग्रस्त मरीजों के लिए बेड रिजर्व किए हैं। वहां ड्यूटी दे रहे नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि उसे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है कि यहां हीटवेव के मरीज भर्ती किए जाएंगे। हालांकि यह मेडिसिन विभाग का वार्ड है।

इधर, जयपुरिया व जनाना अस्पताल में मरीजों के हाल-बेहाल, जिम्मेदार अनजानजयपुरिया अस्पताल में हीटवेव प्रबंधन के इंतजाम नाकाफी दिखे। अस्पताल की खिड़कियों के कांच टूटे हुए हैं। जिससे वार्डों में गर्म हवा आती है। पंखे भी गर्मी को रोकने में बेबस नजर आए। स्थिति यह है कि मरीज घर से कूलर, पंखे लाने को मजबूर है। अस्पताल में डक्टिंग सिस्टम भी नहीं है। इस वजह से कई जगह कूलर लगाए गए हैं। इधर, जनाना अस्पताल में भी ऐसे ही हाल है। वहां भी मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए गर्मी में कतारों में जूझना पड़ता है।

Updated on:
27 May 2024 08:10 am
Published on:
27 May 2024 08:09 am