जयपुर

Banswara Loksabha Result: इस हॉट सीट पर BJP लगाएगी हैट्रिक या राजकुमार रोत जाएंगे दिल्ली? जानें

राजस्थान की हॉट सीट में से एक बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट के परिणाम को लेकर भांति-भांति के कयास लगाए जा रहे है। साथ ही सभी दावेदार अपनी-अपनी जीत का दावा ठोक रहे हैं। ऐसे में वहां का परिणाम क्या रहने वाला है। जानिए...
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May 17, 2024
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राजस्थान में लोकसभा चुनाव के मतदान संपन्न हो चुके है। ऐसे में प्रदेश की हॉट सीट में से एक बांसवाड़ा-डूंगरपुर सीट के परिणाम को लेकर भांति-भांति के कयास लगाए जा रहे है। साथ ही सभी दावेदार अपनी-अपनी जीत का दावा ठोक रहे हैं। कांग्रेस ने आदिवासी पार्टी के उम्मीदवार राजकुमार रोत को अपना समर्थन दिया है तो वहीं भाजपा ने कांग्रेस छोड़कर आए महेंद्रजीत सिंह मालवीया को टिकट देकर मैदान में उतारा है।

इससे पहले कांग्रेस और आदिवासी पार्टी के गठबंधन को लेकर सियासी पारा काफी उबाल पर रहा। कांग्रेस ने अरविंद डामोर को अपना प्रत्याशी बनाया था। अब बांसवाड़ा से बीजेपी के महेंद्रजीत सिंह मालवीय और आदिवासी पार्टी (BAP) के राजकुमार रोत के बीच सीधी टक्कर है। अब देखना होगा कि दोनों में कौन विजय होने वाला है?

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का रहा दबदबा

सियासी जानकारों का मानना है कि बांसवाड़ा में भारतीय आदिवासी पार्टी धीरे-धीरे अपने कदम पसार रही है। जिले में आठ विधानसभा सीट हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में इन आठ सीटों में से भाजपा ने दो जीती तो कांग्रेस ने पांच सीट पर विजय प्राप्त की। वहीं, बाप ने चौरासी से जीत हासिल की। हालांकि बांसवाड़ा के कद्दावर अदिवासी नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया उस समय कांग्रेस में थे। भाजपा में शामिल होने से कितना वोट कांग्रेस से भाजपा में तब्दील होगा यह तो लोकसभा चुनाव के परिणाम के समय चलेगा।

लगातार दो बार से जीत रही भाजपा

बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर पहला चुनाव 1952 में हुआ। उस समय कांग्रेस के भीखाभाई चुने गए थे। उसके बाद 57 में कांग्रेस ने भोगीलाल पाडिया, 62 में रतनलाल, 67 में हीरजी भाई और 71 में हीरालाल डोडा को मैदान में उतारा। ये सभी चुनाव जीतते रहे। हालांकि 77 के चुनाव में जनता पार्टी के हीरा भाई ने कांग्रेस का विजय रथ थाम तो लिया, लेकिन 80 में हुए अगले चुनाव में ही एक बार फिर से कांग्रेस के भीखाभाई ने यह सीट पार्टी की झोली में डाल दी। अगले चुनाव में कांग्रेस ने प्रभुलाल रावत को सांसद बनवाया।

साल 1989 में एक बार फिर हीराभाई जनता दल के टिकट पर चुनाव जीत कर संसद पहुंच गए। 91 में यह सीट वापस कांग्रेस की झोली में पहुंच गई. इस बार यहां से प्रभुलाल रावत सांसद बने। 96 में कांग्रेस के ताराचंद भगोरा, 98 में कांग्रेस के ही महेंद्रजीत सिंह मालवीय और 99 के चुनाव में फिर कांग्रेस के ताराचंद भगोरा यहां से चुने गए। 2004 के चुनाव में बीजेपी ने यहां से धनसिंह रावत को लड़ाकर सांसद बनाया। फिर 2009 में कांग्रेस के ताराचंद भगोरा को यहां से संसद जाने का मौका मिला। इसके बाद 2014 में भाजपा के मानशंकर निनामा और 2019 में भाजपा के ही कनकलाल कटारा यहां से चुने गए।

कितने मतदाता…?

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस लोकसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 104,571 हैं। वहीं अनुसूचित जनजाति के मतदाताओं की संख्या 1,207,698 है। इस सीट पर करीब 10 फीसदी वोट मुस्लिम हैं। इनकी संख्या 205,434 है। इस लोकसभा क्षेत्र के 81 फीसदी वोटर गांवों में रहते हैं। वहीं शेष 19 फीसदी शहरी वोटर हैं। 2019 के संसदीय चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 2050421 थी। इनमें से 70 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।

Updated on:
17 May 2024 02:01 pm
Published on:
17 May 2024 02:01 pm