प्रमुख सर्कल पर रंग-बिरंगे झंडे लगाए जा चुके हैं। सवाई जयसिंह के सर्कल को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। जब रात का अंधेरा हुआ, तो रंग-बिरंगे फव्वारे चले, और उसके बाद यहां सेल्फी लेने की होड़ लग गई। जवाहर सर्कल पर तो अतिथियों के स्वागत में "वेलकम" लिख दिया गया है। जेएलएन मार्ग, टोंक रोड और आयोजन स्थल के आसपास का दृश्य ऐसा है जैसे हम कहीं और ही पहुंच गए हों।
जयपुर।मैं, जयपुर, अपनी गौरवपूर्ण विरासत को संभालते हुए एक बार फिर एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा हूं। 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित होने वाली राइजिंग राजस्थान इंवेस्टमेंट समिट के लिए मुझे सजाया जा रहा है, और इस आयोजन की तैयारियां देखते हुए मैं बेहद उत्साहित हूं। इस समिट से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी, साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के ढेरों अवसर और कई जिलों में उद्योगों की नई सौगातें मिलेंगी। सवाई जयसिंह के सर्कल से लेकर जेएलएन मार्ग तक शहर की सूरत को संजोने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। जहां एक ओर महकमों के अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी व्यवस्थाओं का खुद जायजा ले चुके हैं।हर तरफ दिख रही तैयारीगुरुवार को मेरे कई प्रमुख सर्कल पर रंग-बिरंगे झंडे लगाए जा चुके हैं। सवाई जयसिंह के सर्कल को सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। जब रात का अंधेरा हुआ, तो रंग-बिरंगे फव्वारे चले, और उसके बाद यहां सेल्फी लेने की होड़ लग गई। जवाहर सर्कल पर तो अतिथियों के स्वागत में "वेलकम" लिख दिया गया है। जेएलएन मार्ग, टोंक रोड और आयोजन स्थल के आसपास का दृश्य ऐसा है जैसे हम कहीं और ही पहुंच गए हों।
ये भी जानें
-राइजिंग राजस्थान के लिए 25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के एमओयू हुए हैं।
-70 प्रतिशत एमओयू ऊर्जा क्षेत्र में हुए हैं, इसके बाद उद्योग और खनन में हुए हैं।
-30 से ज्यादा बड़े उद्योगपति इस आयोजन के लिए गुलाबी नगर आएंगे।
मैं हमेशा ऐसा ही रहूं
आमेर से लेकर सीतापुरा स्थित जेईसीसी तक की साफ-सफाई में एक अलग ही रूप नजर आ रहा है। परकोटा में अब जाने का अनुभव बेहतर हो गया है। बाहरी बाजार भी अब और सुंदर नजर आ रहे हैं। सिर पर लटकते तारों को हटाया जा रहा है। मैं चाहता हूं कि यह बदलाव हमेशा ऐसा ही बना रहे। अगर जिम्मेदार अधिकारी इसी तरह सतर्क रहते हैं, तो मेरी यह मनोकामना जरूर पूरी होगी।