
जयपुर। अलवर की राजनीति के दिग्गज नेता और बहरोड़ से भाजपा विधायक डॉ जसवंत सिंह यादव का रविवार सुबह 8:15 बजे निधन हो गया। बहरोड़ विधायक डॉ. जसवंत यादव ने जयपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। विधायक पुत्र मोहित यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर जानकारी दी, जिसमें बताया कि सोमवार को ग्राम सिलपटा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उन्होंने जयपुर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से अलवर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में दुख का माहौल है। डॉ जसवंत सिंह यादव ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई। वे चार बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके थे।
वर्तमान में यादव बहरोड़ विधानसभा से विधायक थे। अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और जनहित के मुद्दों पर आवाज बुलंद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ यादव को अलवर की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता के रूप में जाना जाता था। उनके निधन को भाजपा के साथ-साथ क्षेत्र की राजनीति के लिए भी बड़ी क्षति माना जा रहा है।
उनके जाने से समर्थकों और उनसे जुड़े लोगों में शोक व्याप्त है। डॉ जसवंत यादव के निधन से क्षेत्र ने अपना एक प्रमुख राजनीतिक चेहरा खो दिया है। डॉ जसवंत सिंह यादव का जन्म 1953 में कोटकासिम के शिलपटा गांव में हुआ। जिन्होंने प्राइमरी तक पढ़ाई गांव में की और नवीन सीनियर सैकण्डरी स्कूल अलवर से 12वीं तक पढ़ाई की। कॉलेज की पढ़ाई करने रीजनल कॉलेज अजमेर से की और बीएमएस की पढ़ाई दिल्ली से की। जो सबसे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी से उपाध्यक्ष चुने गए।
डॉ जसवंत सिंह यादव भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वे राजस्थान विधानसभा के लिए कई बार निर्वाचित हुए। वर्ष 1998 में मुंडावर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 1999 में वे अलवर लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए और 2004 तक संसद में रहे। इसके बाद वर्ष 2008 और 2013 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक बने। वही वर्ष 2023 में उन्होंने तीसरी बार बहरोड़ से फिर जीत दर्ज कर विधानसभा में वापसी की।
डॉ यादव तत्कालीन भाजपा राजस्थान सरकार में श्रम मंत्री पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उनके राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय सक्रियता ने उन्हें अलवर-बहरोड़ क्षेत्र की राजनीति में प्रमुख स्थान दिलाया।
डॉ जसवंत सिंह यादव की पहचान बहरोड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ नेता के रूप में रही है। उनका राजनीतिक सफर चिकित्सा क्षेत्र से शुरू होकर विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचा।