जयपुर

Rajasthan : ₹1 करोड़ सब्सिडी मामले पर अशोक गहलोत का हमला, पीएम मोदी से पूछा ‘रहस्यमयी चुप्पी’ का राज

Rajasthan : केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को अपने विभाग से ही अपने प्रोजेक्ट के लिए 99.60 लाख रुपए की सब्सिडी मिली है। इस पर अशोक गहलोत ने पीएम नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा।
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Bhagirath Choudhary subsidy Case : अशोक गहलोत व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी (इनसेट)। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) की सब्सिडी योजना को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। दावा किया गया है कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को अपने व्यावसायिक बागवानी (पॉलीहाउस) प्रोजेक्ट के लिए 99.60 लाख रुपए की सब्सिडी मिली है। इस मामले पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत भाजपा सरकार पर हमला किया। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकांउट X पर लिखा कि मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के नए मॉडल और 'हितों के टकराव' (Conflict of Interest) का एक और बड़ा उदाहरण देश के सामने आया है जिसमें केन्द्रीय मंत्री और केन्द्र सरकार में पदस्थ IAS अधिकारी पर आरोप लग रहे हैं। जब देश के कृषि राज्य मंत्री ही अपने मंत्रालय की योजना से अपने खेत के लिए करीब एक करोड़ रुपए की सब्सिडी मंजूर करवा ले, तो इसे आप क्या कहेंगे?

अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि एक तरफ आम किसान सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटकर थक जाता है, और दूसरी तरफ भाजपा के मंत्रियों और चहेते अफसरों के परिवारों पर करोड़ों की सरकारी मेहरबानी हो रही है।

अशोक गहलोत का सोशल मीडिया अकाउंट X का स्क्रीन शॉट

अशोक गहलोत ने कहाकि चाहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से जुड़े मामले हों या केंद्रीय मंत्रियों के ये कारनामे, भ्रष्टाचार के इन नए और संस्थागत तरीकों पर प्रधानमंत्री जी की 'रहस्यमयी चुप्पी' आखिर क्या दर्शाती है? "ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा" का नारा देने वाले आज अपने ही मंत्रियों के इस खुले 'कदाचार' पर मौन क्यों हैं? देश की जनता इस दोहरे मापदंड को देख रही है।

खीरे की खेती कर रहे भागीरथ

केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी डीडवाना-कुचामन जिले के पीह में स्थित अपने फार्म पर व्यावसायिक बागवानी परियोजना चला रहे हैं और खीरे की खेती कर रहे हैं। पत्रिका टीम ने मौके पर जाकर देखा तो पाया कि फार्म पर लगे बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि परियोजना को राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की सहायता प्राप्त है और लाभार्थी के रूप में भागीरथ चौधरी का नाम दर्ज है।

मैंने कुछ भी छिपाया नहीं : भागीरथ चौधरी

Bhagirath Choudhary Case : केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी। फाइल फोटो पत्रिका

भागीरथ चौधरी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें गाइडलाइन अनुसार ही सब्सिडी मिली है। वे स्वयं कई वर्षों से आधुनिक खेती कर रहे हैं। पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है तथा उनके फार्म पर सब्सिडी का पूरा विवरण प्रदर्शित है।

समिति में मंत्री की भूमिका नहीं : राठौड़

Bhagirath Choudhary Case : प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़। फाइल फोटो पत्रिका

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि सब्सिडी स्वीकृत करने वाली समिति में मंत्री की भूमिका नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि चौधरी पहले भी कई बार आवेदन कर चुके थे, लेकिन शर्तें पूरी नहीं होने से आवेदन स्वीकृत नहीं हुए। सभी नियम पूरे होने के बाद ही उन्हें योजना का लाभ मिला।

मंत्री भागीरथ चौधरी को अपने विभाग से मिली ₹99.60 लाख की सब्सिडी!

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) की सब्सिडी योजना को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। दावा किया गया है कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को अपने व्यावसायिक बागवानी (पॉलीहाउस) प्रोजेक्ट के लिए 99.60 लाख रुपए की सब्सिडी मिली है। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार यह परियोजना राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजना के तहत स्वीकृत हुई। कृषि राज्य मंत्री होने के नाते चौधरी उस मंत्रालय का हिस्सा है, जिसके प्रशासनिक नियंत्रण में एनएचबी कार्य करता है।

Published on:
28 Jun 2026 10:35 am