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Rajasthan News : सिया, सोनम, मुस्कान की करतूतों से डरे जयपुर के युवा, अब ‘फूंक-फूंककर’ तलाश रहे हमसफ़र

Ketan Agarwal Murder Case : पुणे की सिया-केतन जैसी घटनाओं ने जयपुर शहर के युवाओं की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं की वजह से जयपुर में बैकग्राउंड चेक, प्री-मैरिटल काउंसलिंग सर्विसेस में बूम आ गया है।
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Jaipur youth scared Siya Sonam Muskan misdeeds Now they looking life partner very carefully

Rajasthan News : युवा जीवन भर के 'आई लव यू' से पहले अब 'आई वेरिफाई यू' का चलन चला। ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Ketan Agarwal Murder Case : इंदौर की सोनम और राजा रघुवंशी के बाद अब सिया केतन और जैसी घटनाओं ने जयपुर शहर के युवाओं की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले मुस्कान ने पति को मारकर नीले ड्रम में सील कर दिया था, यह केस देशभर में सुर्खी बना। कई युवा जल्दबाजी में शादी करने के बजाय रिश्ते को समय देकर परखना चाहते हैं। शादी, जो कभी भरोसे और परिवारों के निर्णय का विषय मानी जाती थी, अब युवाओं के लिए गहन पड़ताल का मामला बनती जा रही है।

जयपुर शहर में बैकग्राउंड चेक, प्री-मैरिटल काउंसलिंग सर्विसेस में जबरदस्त इजाफा हुआ है। कॉलेज-यूनिवर्सिटीज, कॉफी शॉप्स और सोशल मीडिया ग्रुप्स में युवा अब शादी के मुद्दे पर चर्चा करते हुए सिया केतन मामले की चर्चा जरूर करते हैं। शादी समारोहों, दोस्तों की बैठकों और सोशल मीडिया पर अब अक्सर यही सवाल सुनाई देता है 'क्या शादी से पहले एक-दूसरे को अच्छी तरह समझना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है?'

युवाओं की सोच

1- लड़कों में सबसे ज्यादा डर।
2- जान-पहचान वाले रिश्ते ही सुरक्षित।
3- शादी से पहले लंबे समय तक जानना जरूरी।
4- बैकग्राउंड चेकिंग जरूर करनी चाहिए।
5- जल्दबाजी में शादी मतलब खतरा।
6- प्री-मैरिटल काउंसलिंग जरूरी।
7- फंस गए तो कोर्ट-कचहरी और तनाव।
8- सही व्यक्ति मिले तभी शादी।

माता-पिता की जल्दबाजी पर भरोसा कम

केस-1-

मैं अब सिर्फ जान-पहचान या ऑफिस-कॉलेज वाले रिश्ते पर विचार करूंगा। समाधान में हम दोस्तों के रूप ने ग्रुप बनाया है, जहां शादी से पहले बैकग्राउंड चेकिंग पर जोर देते हैं। सोशल मीडिया पर भी सावधानी बरतनी चाहिए। मैं अभी भी शादी को लेकर पॉजिटिव हूं, लेकिन जल्दबाजी नहीं करूंगा। कम से कम 1-2 साल अच्छी दोस्ती के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए।
राहुल शर्मा (28 वर्ष), सॉफ्टवेयर इंजीनियर

केस-2-
लड़कियों में डर है, लेकिन लड़कों में ज्यादा खौफ दिख रहा है। मेरी सहेलियां कहती हैं कि शादी में देरी करनी चाहिए ताकि खुद को समझ सकें। मैं जान-पहचान वाले रिश्ते को प्राथमिकता दूंगी क्योंकि उसमें परिवार पहले से एक-दूसरे को जानते हैं। मैंने काउंसलिंग सेशन्स जॉइन किए हैं जहां कम्युनिकेशन बेहतर करने की ट्रेनिंग मिलती है। मेरा समाधान है कि शादी से पहले प्री-मैरिटल काउंसलिंग जरूर कराएं।
प्रियंका मेहरा (25 वर्ष), कॉर्पोरेट जॉब

युवाओं का सतर्क होना स्वाभाविक पर शादी से दूरी बनाना सही नहीं

युवाओं का सतर्क होना स्वाभाविक है, लेकिन डर के कारण शादी से दूरी बनाना सही नहीं है। शादी का फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहिए। रिश्ता तय होने के बाद दोनों को पर्याप्त समय तक एक-दूसरे को समझना चाहिए। परिवारों को भी खुलकर बातचीत करनी चाहिए और आर्थिक, पारिवारिक व व्यक्तिगत अपेक्षाओं पर पहले ही चर्चा कर लेनी चाहिए। जरूरत हो तो प्री-मैरिटल काउंसलिंग भी लेनी चाहिए।

जयपुर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें वैवाहिक संबंधों में विश्वासघात, मानसिक प्रताड़ना या आर्थिक विवाद प्रमुख रहे। न सिर्फ युवा प्रभावित हो रहे हैं, उनके माता-पिता भी चिंता में हैं। लड़कियां सुरक्षा और समझदार साथी की तलाश में हैं, लड़के कानूनी जाल और भावनात्मक धोखे से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
पवन रावत, रिलेशनशिप काउंसलर