
File PIC
जयपुर के जगतपुरा इलाके में मुख्यमंत्री के वीआईपी काफिले के लिए रास्ता साफ कराने के दौरान मोमोज वेंडर महिला पर खौलता पानी गिरने का मामला सुर्ख़ियों में है। इस हादसे को लेकर जनता में उपजे भारी आक्रोश के बाद आखिरकार सरकार और पुलिस हरकत में आई है। पीड़िता के परिवार की आजीविका को दोबारा पटरी पर लाने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने मुफ्त इलाज के साथ-साथ स्थायी रोजगार की व्यवस्था शुरू कर दी है।
हादसे के बाद सबसे बड़ा संकट पीड़िता रेशु गुप्ता (27 वर्ष) के परिवार के सामने रोजी-रोटी का खड़ा हो गया था। इसे देखते हुए जयपुर ग्रेटर नगर निगम और राज्य सरकार ने राहत पैकेज जारी किया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि अस्पताल में रेशु गुप्ता के इलाज और सर्जरी का जितना भी खर्च आएगा, वह पूरा का पूरा सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
इसके साथ ही, परिवार को तात्कालिक राहत के रूप में आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है और भविष्य में आजीविका चलाने के लिए जयपुर शहर के एक अच्छे लोकेलिटी में जयपुर डेयरी का बूथ आवंटित करने की प्रक्रिया को तुरंत शुरू कर दिया गया है।
मामले की गंभीरता और मानवाधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद प्रशासनिक मशीनरी ने त्वरित एक्शन लिया।
संबंधित पुलिसकर्मी लाइन हाजिर: पुलिस विभाग ने शुरुआती जांच में सुरक्षा व्यवस्था के दौरान संवेदनहीनता बरतने वाले संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम ग्रेटर के आयुक्त ओम कसेरा और उपायुक्त नीलम मीना स्वयं पीड़िता रेशु गुप्ता के घर पहुंचे। अधिकारियों ने रेशु गुप्ता और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और सरकार की ओर से हरसंभव विधिक व आर्थिक सहायता का लिखित भरोसा दिलाया।
जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महल रोड पर घटित इस पूरे दर्दनाक हादसे की विस्तृत और प्रामाणिक कड़ियां इस प्रकार हैं:
19 जून : पीड़िता रेशु गुप्ता (27 वर्ष) जगतपुरा के महल रोड पर हमेशा की तरह अपनी आजीविका के लिए मोमोज का ठेला लगा रही थीं। उसी समय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का वीआईपी काफिला वहां से गुजरने वाला था, जिसके कारण स्थानीय पुलिस कर्मी सड़क किनारे से अस्थाई ठेले और अतिक्रमण हटवा रहे थे।
2 मिनट की मिन्नत और हादसा: पुलिसकर्मियों ने रेशु को तुरंत वहां से ठेला हटाने को कहा। रेशु ने पुलिस कर्मियों से विधिक रूप से सिर्फ 2 मिनट का समय मांगा क्योंकि मोमोज के स्टीमर में पानी पूरी तरह से उबल और खौल रहा था। आरोप है कि हड़बड़ी के माहौल में पुलिसकर्मियों ने ठेले को जबरन धक्का दिया या लाठी मारी, जिससे स्टीमर का खौलता हुआ पानी सीधे रेशु की छाती, हाथ, पेट और जांघों पर गिर गया।
अस्पताल में भर्ती और सोशल मीडिया पर आक्रोश: गंभीर रूप से झुलसने के बाद रेशु की बहन खुशबू और वहां मौजूद स्थानीय लोग उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए। घटना के बाद 22 जून को पीड़िता की बहन ने पुलिस थाने में औपचारिक विधिक शिकायत (FIR) दर्ज कराई। 24 और 25 जून को जब इस घटना का वीडियो और रेशु का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो वीआईपी संस्कृति को लेकर जनता का गुस्सा फूट पड़ा।
Published on:
28 Jun 2026 10:40 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
