Bharat Bandh: राजस्थान के इन जिलों ने भारत बंद के अह्वान लेकर स्कूल-कॉलेजों में एक दिन की अवकाश के आदेश जारी कर दिए हैं। देर शाम तक अन्य जिलों में भी अवकाश के आदेश जारी होने की संभावनाएं हैं।
जयपुर। बुधवार (21 अगस्त) को भारत बंद (Bharat bandh 2024) के अह्वान का असर राजस्थान में भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों ने भारत बंद के अह्वान को लेकर स्कूल-कॉलेजों में एक दिन की अवकाश के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें दौसा, डीग, जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर और बाड़मेर जिले शामिल हैं। देर शाम तक अन्य जिलों में भी अवकाश के आदेश जारी होने की संभावनाएं हैं। दौसा जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने जारी किए आदेश में कहा कि कानून व्यवस्था की स्थति काे सुदृढ करने के लिए ऐहतियातन यह कदम उठाया गया है। इस दौरान कोचिंग, लाइब्रेरी, हॉस्टल, स्कूल, आंगनबाड़ी एवं कॉलेजों में छात्र-छात्राओं का अवकाश रहेगा।
इसी प्रकार भरतपुर जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव ने आदेश जारी कर लिखा, "विभिन्न संगठनों द्वारा 21 अगस्त 2024 को प्रस्तावित भारत बन्द के समर्थन में भरतपुर में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन, लोक शांति को भंग करने एवं कानून व्यवस्था प्रभावित किया जाने की संभावना को देखते हुए सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों/ महाविद्यालयों में शैक्षणिक कार्य बन्द रहेगा एवं सुबह 9 से शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवाएं भी बंद रहेंगी।।"
दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय (SC) द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों के आरक्षण को लेकर दिए गए निर्णय के विरोध में सोशल मीडिया पर 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया गया है। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी कोटे के अंदर कोटा के विरोध में 21 अगस्त को भारत बंद की घोषणा की है, सुबह 6 बजे लेकर रात 8 बजे तक भारत बंद का अह्वान किया गया है। इस दौरान दुकानें, बाजार व शैक्षणिक संस्थानें बंद रहने की प्रबल संभावना है।
राजस्थान में एससी/एसटी समूहों ने बंद का समर्थन किया है। वहीं भारत आदिवसी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी ने भी भारत बंद का समर्थन किया है।
भारत बंद को लेकर राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने राजस्थान में कानून व्यवस्था, शांति और यातायात सुचारू करने के लिए की गई व्यवस्था की सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि बंद के आयोजकों के निरन्तर सम्पर्क में रहें तथा जुलूस के रूट, बंद में शामिल लोगों की संख्या, कितने बजे जुलूस कहां पहुंचेगा आदि जानकारी सम्बंधित अधिकारियों से साझा करें। साथ ही सोशल मीडिया पर निगरानी रखने, अफवाह फैलाने और भड़काने वाली पोस्ट डालने आदि को चिन्हित कर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।