Bharat Bandh 2024: दलित संगठन मांग कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट कोटे के भीतर आरक्षण को लेकर अपने फैसले पर पुनर्विचार करे एवं सरकारी नौकरियों में तैनात एससी, एसटी और ओबीसी कर्मचारियों का जाति डेटा जारी करे।
Bharat Bandh 21 August: आरक्षण के वर्गीकरण के विरोध में आज हुए भारत बंद का असर देशभर में देखने को मिला। इसका असर राजस्थान के ज्यादातर जिलों में एक दिन पहले से ही दिखना शुरू हो गया। भारत बंद के आह्वान को देखते हुए मंगलवार (20 अगस्त) को जिला कलक्टरों ने स्कूल-कॉलेजों में एक दिन की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए। राज्य के जयपुर, सीकर, अनूपगढ़, खैरथल-तिजारा, जोधपुर, झुंझुनूं, बाड़मेर, धौलपुर, अलवर, दौसा सहित 20 से अधिक जिलों के स्कूल -कॉलेजों में अवकाश रहा। इसके अलावा एहतियात के तौर पर भरतपुर, अलवर और उदयपुर जिलों में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के निर्देश हैं।
दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी कोटा के अंदर कोटा का फैसला सुनाया था। एससी-एसटी समुदाय ने इस फैसले से असहमति जताई और कहा कि इससे समाज के अंदर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर एससी-एसटी समुदाय के प्रमुख संगठनों में से एक 'आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति' ने 21 अगस्त को भारत बंद का आह्वान किया। जिसका समर्थन कई प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी किया। यूपी के समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आजाद समाज पार्टी और राजस्थान के एससी-एसटी समाज से जुड़े राजनीतिक दलों ने इसका समर्थन किया। कांग्रेस भी आरक्षण के बचाव के समर्थन में रही।
दलित संगठन मांग कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट कोटे के भीतर आरक्षण को लेकर अपने फैसले पर पुनर्विचार करे एवं सरकारी नौकरियों में तैनात एससी, एसटी और ओबीसी कर्मचारियों का जाति डेटा जारी करे। संगठनों ने भारतीय न्यायिक सेवा के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों और न्यायाधीशों की नियुक्ति की भी मांग की है और देश भर में जाति जनगणना कराने की अपील की है।