जयपुर

भाटी vs रावणा विवाद: सिंगर छोटू सिंह की ‘तारीफ’ के बाद अब MLA रविंद्र सिंह भाटी को ‘नसीहत’, जानें क्या बोले BJP प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़?

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और लोक गायक छोटू सिंह रावणा के विवाद के बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भाटी की व्यक्तिगत तारीफ तो की, लेकिन साथ ही उनकी 'महत्वाकांक्षाओं' और समाज को 'बांटने' की राजनीति पर जमकर प्रहार भी किया।
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Apr 10, 2026
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राजस्थान की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय एमएलए रविंद्र सिंह भाटी और प्रसिद्ध गायक छोटू सिंह रावणा के बीच चल रही खींचतान अब व्यक्तिगत दायरे से बाहर निकलकर भाजपा बनाम निर्दलीय की जंग बनती जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस पूरे प्रकरण पर चुप्पी तोड़ते हुए भाटी को आईना दिखाया है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि राजपूत समाज देश की रक्षा करने वाला समाज है और इसे राजनीति के लिए आपस में लड़ाना देशहित में नहीं है।

'समझदार हैं भाटी, लेकिन महत्वाकांक्षा ले डूबी'

एक निजी इंटरव्यू के दौरान मदन राठौड़ ने रविंद्र सिंह भाटी के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके संबंध भाटी के साथ अच्छे हैं। उन्होंने एक पुराने वाकये का जिक्र करते हुए कहा, "एक बार किसी चैनल ने मेरे बयान पर उन्हें उकसाने की कोशिश की थी, लेकिन भाटी ने बहुत संजीदगी से जवाब दिया। वे व्यवहार कुशल व्यक्ति हैं।" हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि टिकट न मिलने के बावजूद जनता ने उन्हें जिताया, लेकिन जीत के बाद भाटी की राह भटक गई।

'समाज को लड़ाना देश का नुकसान'

मदन राठौड़ ने भाटी और रावणा विवाद पर सबसे गंभीर टिप्पणी 'समाज के बिखराव' को लेकर की। उन्होंने कहा:

  • सीमावर्ती क्षेत्र की संवेदनशीलता: बाड़मेर-जैसलमेर एक सीमावर्ती क्षेत्र है। यहाँ समाज को जातियों में बांटना या आपस में लड़ाना राष्ट्र की सुरक्षा और सामाजिक ढांचे के लिए हानिकारक है।
  • राजपूत एकता: राठौड़ ने कहा कि राजपूत हमारे भाई हैं और संघ (RSS) व भाजपा हमेशा समाज को एकजुट करने का प्रयास करते हैं। भाटी को उन्हें मूल समाज से अलग कर संघर्ष की स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए।

लोकसभा चुनाव और 'जातिवाद' पर प्रहार

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने भाटी की लोकसभा चुनाव लड़ने की जिद पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाटी को जनसेवा और विकास कार्यों में लगना चाहिए था, लेकिन उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा उन्हें लोकसभा चुनाव में ले गई। राठौड़ ने आरोप लगाया कि वहां उन्होंने समाज को जोड़ने के बजाय जातिवाद के आधार पर विभाजित करने का काम किया, जो किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

'हमारे साथ मिलकर चलते तो बेहतर होता'

मदन राठौड़ ने मलाल जताते हुए कहा कि यदि भाटी भाजपा के साथ मिलकर काम करते, तो क्षेत्र का और बेहतर विकास होता। उन्होंने भाटी को नसीहत दी कि उन्हें राजपूत समाज का सम्मान बनाए रखना चाहिए और इसे आपसी लड़ाई का केंद्र नहीं बनाना चाहिए।

छोटू सिंह के समर्थन में पहले ही आ चुके हैं राठौड़

बता दें कि कुछ दिन पहले ही मदन राठौड़ एक सार्वजनिक मंच पर सिंगर छोटू सिंह रावणा के साथ देखे गए थे। वहां उन्होंने छोटू सिंह की जमकर तारीफ की थी। अब भाटी को दी गई इस नसीहत के बाद यह साफ हो गया है कि भाजपा इस विवाद में भाटी के 'आक्रामक सोशल मीडिया ट्रायल' के खिलाफ है और सामाजिक समरसता का पक्ष ले रही है।

Updated on:
10 Apr 2026 04:32 pm
Published on:
10 Apr 2026 04:32 pm