
पीएम नरेंद्र मोदी और पूर्व सीएम अशोक गहलोत। फोटो: पत्रिका
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को अपनी सोशल मीडिया सीरीज 'इंतजारशास्त्र' के चैप्टर-19 के जरिए पचपदरा रिफाइनरी को लेकर भाजपा सरकार की घेराबंदी की। गहलोत का आरोप है कि जो रिफाइनरी 37,229 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होनी थी, भाजपा की 'अटकाने और लटकाने' वाली नीति के कारण आज उसकी लागत लगभग 80,000 करोड़ रुपये पहुँच गई है। यह सीधी चोट राजस्थान की जनता की जेब और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर है।
अशोक गहलोत ने अपने पोस्ट में रिफाइनरी के इतिहास के पन्ने पलटते हुए भाजपा पर 'क्रेडिट' लेने की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा भाजपा ने केवल श्रेय लेने के चक्कर में इस प्रोजेक्ट को सालों तक लटकाए रखा। 2013 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की लागत देरी के कारण 37,229 करोड़ से बढ़कर 80,000 करोड़ के करीब पहुँच गई है। गहलोत ने सवाल पूछा कि आखिर भाजपा को राजस्थान के विकास से नफरत क्यों है?
गहलोत ने दावा किया कि उनकी पिछली कांग्रेस सरकार ने कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी की चुनौतियों के बावजूद रिफाइनरी का 80% कार्य पूरा कर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भाजपा सरकार 2013 के बाद इसे नहीं रोकती, तो यह प्रोजेक्ट बहुत पहले ही प्रदेश की तस्वीर बदल चुका होता।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, रिफाइनरी में हुई इस देरी ने न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि उन हजारों युवाओं के सपनों को भी तोड़ा है जो वर्षों से यहाँ रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने इसे 'इंतजारशास्त्र का मेगा चैप्टर' करार देते हुए कहा कि भाजपा ने प्रदेश की प्रगति को जानबूझकर पीछे धकेला है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को बालोतरा जिले के पचपदरा में देश के पहले 'HPCL इंटीग्रेटेड रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स' का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे मारवाड़ और पूरे राजस्थान के लिए 'आर्थिक भाग्यरेखा' बताया है। यह प्रोजेक्ट न केवल पेट्रोल-डीजल बल्कि पेट्रोकेमिकल्स का भी बड़ा हब बनेगा, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
Published on:
10 Apr 2026 11:47 am
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