जयपुर

विकास में पक्षपात, जनता के बीच खींच दी लकीर

दो विधानसभा क्षेत्र, विकास में दो अलग-अलग तर्क

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Jun 05, 2018
विकास में पक्षपात, जनता के बीच खींच दी लकीर

जयपुर . जनप्रतिनिधियों के दबाव में नौकरशाहों ने जनता के बीच ही लकीर खींच दी है। आगरा रोड पर 1222.93 हैक्टेयर में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक मामले में नौकरशाहों को सौतेला व्यवहार सामने आ रहा है।
आगरा रोड से दाएं तरफ मास्टर प्लान को लेकर हाईकोर्ट की रोक का हवाला दे किसी भी तरह की निर्माण कार्य व सड़क निर्माण के लिए जेडीए ने स्वीकृति रोक दी। जबकि, बायीं तरफ सड़क निर्माण की स्वीकृति दे दी गई। यह इलाका अशोक परनामी के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है।

बगरू क्षेत्र

रोक का हवाला दे नहीं दी स्वीकृति

खो नागोरियान स्टेण्ड से आईओसीएल गैस पाइप लाइन तक के बीच सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार हुआ। इसकी दूरी करीब 2.5 किलोमीटर है। इससे सड़क से जुड़े आयशा नगर, ग्रीन सिटी कॉलोनी, बावड़ी की ढाणी, चौपड़ा की ढाणी, हिनायत कॉलोनी, केसर विहार, मॉर्डन सिटी, देहार की ढाणी, बंध्या कॉलोनी, कमल नगर, बरकत नगर, अशरफी पार्क कॉलोनी सहित अन्य बड़ा इलाका जुड़ा है। इस बीच मास्टर प्लान को लेकर जोधपुर हाईकोर्ट की रोक के कारण स्वीकृति नहीं दी गई।

आदर्श नगर क्षेत्र: खुले आम टूट रहे हाईकोर्ट के आदेश

आगरा रोड पर पोल्टी फार्म से मंगल विहार व अन्य कॉलोनी होते हुए जामडोली तक करीब 4 किलोमीटर लम्बाई में सड़क निर्माण की स्वीकृति दी। आधे से ज्यादा दूरी में तो डामरीकरण भी कर दिया गया। जबकि, यह इलाका भी जोधपुर हाईकोर्ट के उसी आदेश से प्रभावित है। इसी हिस्से में नगर निगम ने भी मॉडल टाउन, आनंद विहार, गायत्री ग्रीन सिटी, बसंत विहार बी, गणेशपुरी,भरत विहार ए,बी,सी व मेन, कृष्ण वाटिका ए व बी, कृष्ण वाटिका द्वितीय, अरिहंत नगर, गणेश विहार, राधागोविन्द नगर, गोविन्द नगर द्वितीय, वीआईपी कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में काम कर दिया। नेता लोगों को कर रहे गुमराहजनप्रतिनिधि वोट बैंक के खातिर बेतरतीब बसावट को बढ़ावा दे रहे हैं। यहां तक कि हरियाली क्षेत्र में भी कंक्रीट का जंगल खड़ा करने से नहीं चूके रहे। जब पत्रिका ने जनप्रतिनिधियों की कारस्तानी का खुलासा किया तो जनता को गुमराह करने पर तुल गए।

नोटशीट पर इनके हैं हस्ताक्षर

हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दे सड़क निर्माण की स्वीकृति नहीं देने से जुड़ी नोटशीट पर निदेशक (विधि) अशोक सिंह, निदेशक (अभियांत्रिकी—प्रथम) एन.सी. माथुर, अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार, अधिशासी अभियंता राजेन्द्र आहूजा व अन्य के हस्ताक्षर हैं।

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Published on:
05 Jun 2018 12:08 pm
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