PM Kisan Yojana: राजस्थान में पीएम किसान योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। राजधानी जयपुर की कई तहसीलों में हजारों अपात्र लोग करोड़ों रुपए डकार गए। अब इन लोगों से वसूली की जाएगी। पढ़ें कैलाश बराला की ये रिपोर्ट...
PM Kisan Yojana: चौमूं (जयपुर): किसानों की आर्थिक मदद के लिए शुरू की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जयपुर जिले की 11 तहसीलों में की गई जांच में खुलासा हुआ है कि पति और पत्नी दोनों ने योजना का लाभ ले लिया, जबकि नियमानुसार एक भूमिधारक कृषक परिवार का केवल एक सदस्य ही पात्र होता है।
सरकार की ओर से पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम डेटा के विश्लेषण के बाद यह घपला सामने आया है। अब सरकार अपात्र लोगों से वसूली करेगी। केंद्र के निर्देश पर ऐसे मामलों की जांच की जा रही है। अनुचित लाभ उठाने वाले लोगों को अगली किस्त नहीं दी जाएगी। जिले में 4836 किसानों पर अनुचित लाभ उठाने का आरोप है। जयपुर जिले में 2 लाख 63 हजार 978 किसान पात्र हैं, जिनकी ई-केवाईसी हो गई है।
इससे पहले राज्य में 13 हजार 520 अपात्र लोगों ने खुद को पाली जिले का किसान बताकर 8 करोड़ 26 लाख 66 हजार रुपए हड़प लिए। अन्य जिलों से भी ऐसी शिकायतें सहकारिता विभाग को मिली हैं। विभाग के मंत्री गौतम कुमार दक ने विधानसभा में इससे जुड़े सवाल के जवाब में यह कहा था कि अपात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी और कार्मिकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन विभाग ने मुकदमा दर्ज कराके इतिश्री कर ली है।
राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी इस तरह का फर्जीवाड़ा हुआ है। अन्य राज्यों में अब तक अपात्र लाभार्थियों से 416 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है।
-2019 के फरवरी में शुरू हुई थी योजना, अब तक 19 किस्तें जारी हुई हैं।
-3.68 लाख करोड़ से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है।
-3 समान किस्तों में देते हैं राशि
-6000 रुपए देती है सरकार किसान को
-3000 रुपए राजस्थान में अतिरिक्त देने का प्रावधान किया गया है
योजना में पति और पत्नी दोनों की ओर से लाभ लेना नियमानुसार गलत है। अपात्र लोगों की पहचान करने को लेकर जांच चल रही है। अब तक जांच में ऐसे अनेक अपात्र लोग सामने आए हैं, जो पति और पत्नी दोनों लाभ ले रहे थे। अभी 20वीं किस्त जारी नहीं हुई है।
-डॉ. विजयपाल विश्नोई, तहसीलदार, चौमूं
प्रत्येक भूमिधारक कृषक परिवार का केवल एक सदस्य ही लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र है। जिले की सभी तहसीलों में जांच हो रही है। अपात्र लोगों से वसूली की कार्रवाई भी होगी।
-मुकेश कुमार मूंड, एडीएम, उत्तर जयपुर