जयपुर

37 की हुई भाजपा,जानिए कैसा रहा अब तक का सफर

भारतीय जनता पार्टी आज 37 साल की हो गई है।

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Apr 06, 2018

भारतीय जनता पार्टी आज 37 साल की हो गई है। आज के दिन 37 साल की उम्र में बीजेपी किसी युवा की तरह बुलंदियों पर है।भारतीय जनता पार्टी आज की तारीख में देश की सबसे बड़ी और प्रभावशाली पार्टी है। आज के दिन ही 6 अप्रैल 1980 को बीजेपी की स्थापना हुई थी।भाजपा ने पहला लोकसभा चुनाव में 1984 में लड़ा। तब केवल उसकों दो ही सीट हासिल हुई। 2014 के चुनाव में भाजपा को 282 सीटे हासिल हुई। यह पहला अवसर है जब भाजपा अपने दम पर देश की सत्ता पर काबिज है। आज देश के 21 राज्यों में भाजपा और सहयोगी दलों की सरकार हैं। राज्यसभा में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।

भाजपा को पहले भारतीय जनसंघ के रूप में जाना जाता था। भारतीय जनसंघ की स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी।अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष बने थे। भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने में अटल बिहारी वाजेपयी और लालकृष्ण आडवाणी की अहम भूमिका रही है। इसी कड़ी में राजस्थान के दिग्गज नेता स्वर्गीय भैरोंसिंह शेखावत का नाम भी अहम् है। भाजपा शुरुआत में खुलकर हिन्दुत्व की राजनीति करने वाली पार्टी मानी जाती थी।

भाजपा नेताओं की बात करे तो अटल बिहारी वाजपेयी ? के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सबसे ज़्यादा ताक़तवर हुई। बीजेपी का चुनाव चिह्न कमल का फूल है।आरएसएस को बीजेपी का मातृ संगठन माना जाता है। बीजेपी के ज़्यादातर बड़े नेता आरएसएस से जुड़े हैं.
आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ यात्रा भारतीय राजनीति की एक बड़ी घटना है. जब मंडल राजनीति के कारण हिन्दुओं के बीच तीखा मतभेद उभरकर कर सामने आया उसी वक़्त आडवाणी ने अयोध्या आंदोलन से धार्मिक ध्रुवीकरण को मजबूत किया।

ऐसे बड़ा भाजपा का कद
1984 में भाजपा को दो सीट हासिल हुई।1989 में बीजेपी 89 सीट पर पहुंच चुकी थी। इस चुनाव में कांग्रेस के ख़िलाफ़ सारी राजनीतिक पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था और इसमें राजीव गांधी और कांग्रेस को करारी हार मिली थी।6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने के बाद भाजपा में जनाधार में यकायक इजाफा हुआ। बाबरी मस्जिद तोड़ने में शामिल होने का आरोप बीजेपी के कई बड़े नेताओं पर लगा. इनमें लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी से लेकर उमा भारती तक शामिल हैं।

1996 के चुनाव में बीजेपी लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. तब भारत के राष्ट्रपति ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. हालांकि बीजेपी सरकार कुछ दिनों में ही गिर गई. 1998 में बीजेपी ने फिर अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर केंद्र में सरकार बनाई. अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने.
बीजेपी ने फिर 1999 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ा. इस गठबंधन में 20 से अधिक दल शामिल हुए. इस गठबंधन को 294 सीटों पर जीत मिली. इसमें बीजेपी को 182 सीटें हासिल हुई थीं. एक बार फिर से अटल बिहारी वाजपेयी प्रधामंत्री बने और इस बार उन्होंने पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया.

2014 बीजेपी के लिए सबसे अहम साल रहा. गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने 282 सीटों पर जीत हासिल की. इस बार बीजेपी को सरकार बनाने के लिए किसी पार्टनर की ज़रूरत नहीं पड़ी. मोदी ने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।

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Published on:
06 Apr 2018 11:02 am
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