लोन नहीं चुकाने वाले किसानों की जमीन नीलामी के नोटिस पर कांग्रेस के हमलावर होने के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ ने सोमवार को भाजपा कार्यालय में कहा कि हनुमानगढ़ में किसानों की जमीन नीलामी के बैंक नोटिस राज्य स्तरीय निर्णय नहीं है।
Rajasthan News: लोन नहीं चुकाने वाले किसानों की जमीन नीलामी के नोटिस पर कांग्रेस के हमलावर होने के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र राठौड़ ने सोमवार को भाजपा कार्यालय में कहा कि हनुमानगढ़ में किसानों की जमीन नीलामी के बैंक नोटिस राज्य स्तरीय निर्णय नहीं है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इसे स्थगित कर दिया है।
राठौड़ ने कहा कि जमीन नीलामी के नोटिस को लेकर गहलोत भाजपा पर तथ्यहीन और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। किसानों की जमीन नीलामी कांग्रेस सरकार के राज में होती थी। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ के 20 किसानों द्वारा ऋण जमा नहीं कराने पर भूमि विकास बैंक की ओर से नीलामी नोटिस जारी किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तत्काल नीलामी के बैंक आदेशों को स्थगित कर दिया।
गहलोत सरकार को कानून बनाने का अधिकार ही नहीं…
राठौड़ ने कहा कि- गहलोत सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया। नवम्बर 2020 में किसानों की 5 एकड़ कृषि भूमि की नीलामी रोकने के लिए विधानसभा में बिल पारित करवाया था, जबकि संविधान के अनुच्छेद 246 (2) में स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य के विधानमंडल को समवर्ती सूची में वर्णित विषयों के संबंध में कानून बनाने का अधिकार नहीं है। केंद्र द्वारा बनाए गए कानून राज्य के कानूनों पर प्रभावी रहेंगे। कांग्रेस सरकार के राज में जनवरी 2019 से जनवरी 2022 के दौरान 22,215 किसानों की जमीन नीलाम करने के आदेश जारी किए गए, जिसमें से 18,817 किसानों को नोटिस देकर उनकी जमीन नीलाम कर दी।