
राजस्थान की राजनीतिक जमीन पर शहरी निकाय चुनावों के बाद अब ग्रामीण सरकारों यानी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य में अपनी जमीनी पकड़ को और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने एक ठोस रणनीति के तहत अपने संगठन के शीर्ष और प्रमुख नेताओं के जिलावार प्रवास कार्यक्रम जारी कर दिए हैं। इन वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जिलों की कमान सौंपी गई है, जो संबंधित क्षेत्रों में खुद कैंप कर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे और चुनावी तैयारियों की सीधी मॉनिटरिंग करेंगे।
खास बात यह है कि जहां एक तरफ बीजेपी ने कमर कसते हुए अपने दिग्गजों को मैदान में उतार दिया है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस खेमे में फिलहाल ऐसी कोई संगठनात्मक हलचल या स्पष्ट रणनीति नजर नहीं आ रही है।
पार्टी संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए जिन प्रमुख नेताओं के प्रवास कार्यक्रम तय किए गए हैं, उनका पूरा ब्योरा इस प्रकार है:
30 सितंबर 2026: सुबह 11:00 बजे खैरथल (सुंदरम गार्डन, मातौर रोड) और दोपहर 03:00 बजे अलवर जिला भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ता बैठक।
1 अक्टूबर 2026: सुबह 11:00 बजे भरतपुर जिला भाजपा कार्यालय और दोपहर 03:20 बजे दौसा (रावत पैलेस) में बैठकें।
30 सितंबर 2026: दोपहर 12:30 बजे चित्तौड़गढ़ और शाम 04:00 बजे प्रतापगढ़ जिला कार्यालय।
1 अक्टूबर 2026: सुबह 11:00 बजे बांसवाड़ा और दोपहर 03:15 बजे डूंगरपुर।
2 अक्टूबर 2026: सुबह 10:00 बजे उदयपुर जिला कार्यालय में बैठक।
30 सितंबर 2026: सुबह 11:00 बजे झुंझुनू (मुनि आश्रम) और दोपहर 03:00 बजे सीकर जिला कार्यालय।
1 अक्टूबर 2026: सुबह 11:00 बजे कोटपूतली-बहरोड़ (आर.टी.एम. होटल)।
30 सितंबर 2026: सुबह 11:00 बजे टोंक और शाम 04:35 बजे अजमेर।
1 अक्टूबर 2026: सुबह 11:00 बजे ब्यावर (गायत्री नगर) और शाम 04:00 बजे भीलवाड़ा।
2 अक्टूबर 2026: सुबह 11:00 बजे राजसमंद जिला कार्यालय।
30 सितंबर 2026: दोपहर 01:00 बजे जयपुर उत्तर (चंदवाजी) और शाम 06:00 बजे जयपुर दक्षिण (महेन्द्र सेज, अजमेर रोड)।
1 अक्टूबर 2026: सुबह 11:00 बजे चूरू और शाम 04:30 बजे बीकानेर।
2 अक्टूबर 2026: सुबह 11:00 बजे श्रीगंगानगर और दोपहर 03:00 बजे हनुमानगढ़।
एक तरफ जहां सत्ताधारी दल बीजेपी ने अपने दिग्गजों को ग्रामीण चुनावों के मैदान में उतारकर अभी से सियासी जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में फिलहाल ऐसी कोई बड़ी हलचल देखने को नहीं मिल रही है।
कांग्रेस की तरफ से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उनके कौन से नेता किस जिले में जाकर कमान संभालेंगे या उनकी आगामी चुनावी रणनीति क्या होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समय से पहले शुरू की गई यह चुनावी तैयारी बीजेपी को ग्रामीण इलाकों में बढ़त दिला सकती है।