जयपुर

केरल आपदा राहत के लिए भाजपा करेगी व्यापारी—जनता से धन संग्रहण

केरल में प्राकृतिक आपदा के बीच राहत के लिए अब भाजपा जयपुर शहर इकाइ भी धन संग्रह करेगी।
2 min read
Aug 28, 2018
bjp
केरल आपदा राहत के लिए भाजपा करेगी व्यापारी—जनता से करेगी धन संग्रहण

भवनेश गुप्ता . जयपुर। भाजपा के नेता—कार्यकर्ता 28 व 29 अगस्त को शहर के सभी प्रमुख बाजारों, व्यापार मण्डलों, विकास समितियों व आमजन तक पहुंचेंगे। इस संबंध में सोमवार को शहर भाजपा इकाइ की बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय किया गया। शहर भाजपा अध्यक्ष संजय जैन ने बताया कि बैठक में तय किया गया की पार्टी के प्रदेश से लेकर बूथ तक के पदाधिकारी, सांसद, विधायक, पार्षद भी सक्रियता दिखाएंगे। इसकी शुरुआत से पहले सभी पदाधिकारी व जन प्रतिनिधि भी सहयोग करेंगे। इस बीच सभी पार्षदों ने अपना एक माह का भत्ता आपदा राहत में देने की घोषणा की।बैठक में सामाजिक न्याय मंत्री अरूण चतुर्वेदी, प्रदेश महामंत्री भजन लाल शर्मा भी साथ रहे।

समझें...राष्ट्रीय आपदा के मायने..
केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की हैं।

क्या होती है आपदा
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के मुताबिक 'आपदा' का मतलब होता है किसी भी इलाके में प्राकृतिक या मानवजनित कारणों से, या दुर्घटना या उपेक्षा की वजह से आई ऐसी कोई महाविपत्ति, अनिष्ट, तबाही आदि जिससे मानव जीवन की भारी हानि या संपत्ति को भारी नुकसान और विनाश, या पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचे और यह इतने बड़े पैमाने पर हो कि जिससे स्थानीय समुदाय के लिए निपटना संभव न हो। भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, चक्रवात, सुनामी, शहरी इलाकों में बाढ़, लू आदि को 'प्राकृतिक आपदा' माना जाता है, जबकि न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल आपदाओं को 'मानव जनित आपदा' माना जाता है।

कैसे तय होती है राष्ट्रीय आपदा
किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा मानने के बारे में कोई सरकारी या कानूनी प्रावधान नहीं है। हाल में संसद के मानसून सत्र में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा था, 'स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फंड (SDRF) या नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फंड (NDRF) के मौजूदा गाइडलाइन इसके बारे में नहीं बताते कि किस आपदा को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित किया जाए।

राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से क्या होता है
जब किसी आपदा को 'असाधारण प्रचंडता की राष्ट्रीय आपदा' (गंभीर राष्ट्रीय आपदा) घोषित कर दी जाए तो राज्य सरकार को राष्ट्रीय स्तर से सहयोग मिलता है। केंद्र सरकार एनडीआरएफ की अतिरिक्त सहायता भेजती है। एक आपदा राहत कोष (CRF) का गठन किया जाता है और इसमें जमा पैसे को केंद्र और राज्य के बीच 3:1 के अनुपात में साझा किया जाता है। कोष में जमा रकम अगर जरूरत से कम होती है तो केंद्र के 100 फीसदी फंडिंग वाले 'राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक फंड' (NCCF) से अतिरिक्त सहायता दी जाती है। प्रभावित लोगों से लोन वसूली में माफी या रियायती दरों पर नए लोन देने की भी व्यवस्था की जाती है।

कैसे मिलता है पैसा
किसी राष्ट्रीय आपदा के मामले में केंद्र सरकार की एक अंतर-मंत्रालयी टीम प्रभावित इलाके में जाकर इसका आकलन करती है कि नुकसान कितना हुआ और कितनी राहत की जरूरत है.। केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में यह टीम सिफारिश करती है कि एनडीआरएफ से कितनी सहायता राशि देनी चाहिए। इस सिफारिश के आधार पर वित्त मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति केंद्रीय सहायता को मंजूर करती है। इसमें वित्त मंत्री के अलावा गृह मंत्री, कृषि मंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष शामिल होते हैं।

Published on:
28 Aug 2018 12:18 am
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