— परीक्षा के लिए पंजीकृत हुए 6 लाख 52 हजार 237 परीक्षार्थी , प्रदेशभर में परीक्षा के लिए बनाए 1 हजार 856 केन्द्र, जयपुर में 53 हजार 774 परीक्षार्थी
जयपुर। इस बार प्रारम्भिक शिक्षा में डिप्लोमा (डीएलएड) बीएसटीसी की परीक्षा में कोई भी गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पिछली बार इस परीक्षा में 11 मुन्नाभाई पकड़े गए थे। आज प्रदेशभर में यह परीक्षा हो रही है। राज्य के सभी 33 जिलों के 1 हजार 856 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा हो रही है।
परीक्षा में इस बार विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पहली बार ओएमआर शीट पर परीक्षार्थी का नाम, फोटो, रोल नम्बर अंकित किए गए। परीक्षार्थी परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र साथ ले जा सकेंगे। परीक्षा में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए यह व्यवस्था की गई है।
इसलिए की सख्ती
पिछली बार कोटा विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित बीएसटीसी की परीक्षा में उदयपुर की एटीएस टीम ने पांच मुन्नाभाई पकड़े, इसी तरह जालोर व भीनमाल में 6 एवजी परीक्षा देते पकड़े थे। उदयपुर में आरोपित फर्जी आधार कार्ड आईडी बनाकर उदयपुर व अन्य परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा दे रहे थे। वहीं जालोर और भीनमाल में दूसरे अभ्यर्थी एवजी बनकर परीक्षा देते पकड़े गए थे।
इस बार सर्वाधिक परीक्षार्थी
गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में इस बार 6 लाख 52 हजार 237 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए हैं। इस परीक्षा में बैठने वालों की यह अब तक की सर्वाधिक संख्या है। परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय द्वारा विशेष तैयारियां की गई है। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए 80 हजार शिक्षकों की परीक्षा में ड्यूटी लगाई। गौरतलब है कि पिछली बार यह परीक्षा कोटा विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित की गई थी। 2017 की इस परीक्षा में 4 लाख 32 हजार 599 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए थे।
गर्मी से परीक्षार्थी परेशान
भरी दोपहर में अभ्यर्थी गर्मी से परेशान होते दिखे। कई जगहों पर तो महिलाएं अपने साथ दुधमुहें बच्चों को भी लेकर आई। सेंटर्स के बाहर गन्ने के ज्यूस और पानी की बोतलें बेचते लोग नजर आए।
मोबाइल और सामान के लिए मशक्कत
परीक्षार्थी मोबाइल और सामान जमा कराने के लिए भी परेशान होते दिखे। मोबाइल के 10 से 30 रुपए तक परीक्षा केन्द्रों पर जमा कराने के लिए। इसके अलावा अन्य सामान के भी 100 रुपए तक परीक्षार्थियों से वसूले गए।