Budget Session : केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में खुद यह स्वीकार किया है कि राजस्थान में औसतन 50 किमी में एक टोल है और यदि राष्ट्रीय औसत की बात की जाए तो यह 48.87 किलोमीटर है।
Budget Session : जयपुर। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चार साल पहले यह वादा किया था कि 60 किलोमीटर में एक ही टोल होगा और 60 किलोमीटर में दो टोल होंगे तो एक हटेगा, लेकिन सच्चाई आज भी इसके उलट ही है। पिछले सप्ताह केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में खुद यह स्वीकार किया है कि राजस्थान में औसतन 50 किलोमीटर में एक टोल है और यदि राष्ट्रीय औसत की बात की जाए तो यह 48.87 किलोमीटर है।
राजस्थान में टोल के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई इस समय 8 हजार 731 किलोमीटर है, जबकि पूरे देश में टोल के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 55 हजार 904 किलोमीटर है। राजस्थान में कुल 174 शुल्क प्लाजा कार्यरत हैं, जबकि पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1,144 शुल्क प्लाजा संचालन में हैं।
केन्द्र सरकार ने इसी बजट सत्र में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा है कि 60 किलोमीटर में एक टोल प्लाजा स्थापित करने का नियम है, लेकिन जहां अधिकारी जरूरी समझे। वहां 60 किलोमीटर के अंदर दो टोल प्लाजा स्थापित किए जा सकते हैं। इस नियम से सवाल उठ रहा है कि एक तरफ तो केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 60 किलोमीटर में एक ही टोल का वादा किया था और दूसरी तरफ उसी वादे को उनके ही मंत्रालय ने किसके कहने पर "गली" निकाल तोड़ दिया है।