ICAI CA Final Result 2026: सीए फाइनल परीक्षा परिणाम में राजधानी जयपुर के दो विद्यार्थियों ने शानदार सफलता हासिल की। प्रणव भूत ने ऑल इंडिया 7वीं और हर्षिका खंडेलवाल ने 28वीं रैंक प्राप्त की। दोनों ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रोज 10-12 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, मानसिक संतुलन और नियमित तैयारी को दिया।

CA Final Result Pranav Dhoot and Harshika Khandelwal Story: जयपुर: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के सीए फाइनल परीक्षा परिणाम गुरुवार को जारी हुए, जिनमें जयपुर के दो विद्यार्थियों ने देशभर के टॉप-50 में स्थान प्राप्त कर शहर का गौरव बढ़ाया है। इस सफलता के साथ एक बार फिर साबित हुआ है कि मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पत्रिका से खास बातचीत में टॉपर्स ने कहा कि परीक्षा में मानसिक संतुलन के साथ परिवार का साथ जरूरी है।
सीए फाइनल परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल करने वाले प्रणव धूत ने अपनी सफलता का श्रेय मेहनत, सटीक योजना और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि तीन साल पहले ही तैयारी की रणनीति बना ली थी। प्लानर तैयार कर हर विषय का समय तय किया और रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई की।
प्रणव ने बताया, रील्स के प्रति एडिक्ट हो गया था, लेकिन सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली। तनाव दूर करने के लिए दादा-दादी के साथ समय बिताते थे और नियमित व्यायाम करते थे। तैयारी के दौरान कई बार निराशा भी हुई, लेकिन लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा। भविष्य में वे अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
ऑल इंडिया रैंक 28 प्राप्त करने वाली हर्षिका खंडेलवाल ने बताया कि इंटरमीडिएट परीक्षा के बाद ही उन्होंने सीए फाइनल में उत्कृष्ट प्रदर्शन का लक्ष्य तय कर लिया था। उनकी तैयारी का सबसे मजबूत पक्ष नियमित मॉक टेस्ट और लगातार रिवीजन रहा।
रोजाना मॉक टेस्ट देकर अपनी कमजोरियों पर काम करती थीं और पढ़ाई का लक्ष्य पहले से निर्धारित रखती थीं। रोज 10 से 12 घंटे पढ़ाई करती थीं और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करती थीं। उन्होंने बताया कि ऑडिट विषय उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण था, लेकिन भरोसे और प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
सीए जैसी कठिन और लंबी अवधि की प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल पढ़ाई ही सफलता तय नहीं करती, बल्कि भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। जिन छात्रों को परिवार का सकारात्मक माहौल, प्रोत्साहन और मानसिक सहारा मिलता है, वे तनाव को बेहतर तरीके से संभाल पाते हैं। साथ ही नियमित दिनचर्या, व्यायाम, सीमित सोशल मीडिया उपयोग और स्पष्ट लक्ष्य छात्रों को लंबे समय तक प्रेरित बनाए रखते हैं।
-अर्पित अग्रवाल, सीए