Inspirational Story: होनहारों ने पत्रिका ऑफिस पहुंचकर केक कटिंग कर सफलता का जश्न मनाया। इस दौरान स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स ने सफलता के अनुभव साझा किए।
Motivational Story Of CBSE 10th Result: सीबीएसई ने बुधवार को कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी किया। परिणाम के बाद गुरुवार को भी स्टूडेंट्स के साथ पेरेंट्स का भी उत्साह देखने को मिला। शहर के होनहारों ने गुरुवार को पत्रिका ऑफिस पहुंचकर केक कटिंग कर सफलता का जश्न मनाया। इस दौरान स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स ने सफलता के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मंजिल पाने के लिए लगातार मेहनत, एकाग्रता और टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी है।
सीबीएसई कक्षा 10 के परिणाम में सफलता हासिल कर बच्चों ने गुरुवार को अनुभव साझा किए। इसमें नायसा मलिक ने 95, अस्मि साठा ने 92, आर्शिया सिंहल 96.6, अलायना शर्मा ने 90, मेघना सचिन ने 90.4, रुदाक्षी शर्मा ने 92, रिद्धिमा गुप्ता ने 91.4, काव्य बडाया ने 94.8, काव्या पाटोदी ने 91.2, अभिज्ञ शेखावत ने 90.4 धृती यादव ने 93,.4, अबीर अग्रवाल ने 96.8, याशीका जैन ने 91.2, राशी जैन ने 92, याशिता अग्रवाल ने 91.2, भावना चौधरी ने 93.4, साक्षी यादव ने 91.2, दक्ष नहाटा ने 95.6, गर्वित नारवाडिया ने 96, आदित्य अग्रवाल ने 94.8, मानस अग्रवाल ने 90.4, आरव शर्मा ने 94.2, रुद्र प्रताप सिंह ने 93, क्रिशिव गुप्ता ने 94, दर्श खंडेलवाल ने 97, युग चौधरी ने 96.2, प्रभव सिंह ने 93.2, तेजस वशिष्ट ने 92, आर्येन्द्र सिंह राठौड़ ने 93, माक्र्षाथ नारुका ने 92, अश्विनी खत्री ने 92.8, ध्रुव जैन ने 95.6, वैभव जैन ने 93.2, अंश तिवारी ने 93.6, सृजन जैन ने 94.6, सृष्टि तिवाड़ी ने 91.4, अनिका जैन ने 93.8, ऋशा शर्मा ने 91, छवि ने 90, शौर्य पंडित ने 91, तक्षक यादव ने 94.2, शौर्य भार्गव ने 91, भौमिक गोयल ने 94, पार्थ ने 93.6 प्रतिशत अंक हासिल किए।
नाम- कार्तिक वाष्र्णेय प्रतिशत- 99.2%
मैंने 10वीं बोर्ड में 99.2% अंक हासिल किए हैं। अपनी सफलता का श्रेय मैं अपने स्कूल और माता-पिता को देता हूं। रोज 4-5 घंटे की मेहनत, निरंतरता और खुद पर भरोसे ने ही मुझे यह मुकाम दिलाया है। मैंने सोशल मीडिया को पूरी तरह छोड़ दिया था, क्योंकि वह भटकाता है। अब मेरा सपना वकील बनना है और मैं क्लैट की तैयारी कर रहा हूं।
नाम- सम्यक जैन
प्रतिशत- 99.2%
मेरे 10वीं बोर्ड में 99.2% अंक आए हैं और इस सफलता का श्रेय मैं अपने अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को देता हूं। बोर्ड परीक्षा के तनाव को पीछे छोड़कर मैंने रोजाना 4-5 घंटे बिना किसी सोशल मीडिया डिस्ट्रैक्शन के एकांत में पढ़ाई की। निरंतर मेहनत ही मेरी इस जीत का आधार है और अब मेरा लक्ष्य जेईई की तैयारी कर इंजीनियर बनना है।
नाम- अन्वेषा सुरेका
प्रतिशत- 98%
बोर्ड एग्जाम्स में निरंतरता सफलता की कुंजी है। पहली बार बोर्ड का दबाव होने के बावजूद, मैंने प्रीवियस ईयर के पेपर्स अच्छे से सॉल्व किए। सोशल मीडिया पर कंट्रोल रखा। सुबह की पढ़ाई से मुझे बहुत मदद मिली। परिवार व शिक्षकों के सहयोग ने भी काफी मदद की। मैं मेहनत करके लाइफ में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हूं जहां लोग मुझे जानें और समाज के लिए मैं कुछ अच्छा काम कर सकूं।
नाम- प्रक्षाल पोखरना
प्रतिशत- 98%
मेरी तैयारी का तरीका बहुत सरल था, मैंने खूब सारे सवाल और सैंपल पेपर्स हल किए। मैंने पूरे सिलेबस को अच्छे से बार-बार पढ़ा और हर कॉन्सेप्ट को क्लियर रखा। शुरुआत में थोड़ा डर लगा पर मैंने अपनी पढ़ाई में रेगुलेटरी बनाए रखी। मेरा लक्ष्य अब एक एआइ एमएल इंजीनियर बनना है।