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Jaipur: जमीन कब्जा मामले में पूछताछ के लिए नोटिस मिलते ही भागा आरोपी, मोबाइल बंद करके बदला ठिकाना

आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपना जन्मदिन भव्य तरीके से मनाने की घोषणा कर रखी थी। मौके पर टेंट और सजावट के इंतजाम भी कर लिए गए थे, लेकिन पुलिस की दबिश की भनक लगते ही आरोपी ने कार्यक्रम स्थगित करने का संदेश जारी किया और फरार हो गया।

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प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका

Land Encroachment Case: जयपुर के मानसरोवर थाना क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जे के एक साल पुराने मामले में आरोपी प्रमोद शर्मा पुलिस कार्रवाई के डर से फरार हो गया है। पूछताछ के लिए नोटिस मिलने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया और भूमिगत हो गया।

पुलिस के अनुसार, नंदपुरी बाइस गोदाम निवासी घनश्याम शर्मा ने 13 जुलाई 2025 को ग्राम बदरवास स्थित अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में मालवीय नगर निवासी प्रमोद शर्मा सहित 9 लोगों को नामजद किया गया था। हाल ही पुलिस ने जांच में तेजी लाते हुए प्रमोद को पूछताछ के लिए थाने उपस्थित होने का नोटिस दिया, जिसके बाद से वह गायब है।

जन्मदिन की तैयारी धरी रह गई

आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपना जन्मदिन भव्य तरीके से मनाने की घोषणा कर रखी थी। मौके पर टेंट और सजावट के इंतजाम भी कर लिए गए थे, लेकिन पुलिस की दबिश की भनक लगते ही आरोपी ने कार्यक्रम स्थगित करने का संदेश जारी किया और फरार हो गया।

पुलिस ने मौके पर लगे टेंट और अन्य इंतजामों को हटवा दिया है। अब पुलिस की टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

अवैध एलईडी डिस्प्ले पर निगम की ढिलाई

गर निगम की राजस्व शाखा की लापरवाही और मिलीभगत ने अवैध एलईडी डिस्प्ले कारोबारियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम ने दो एलईडी डिस्प्ले का 90 लाख रुपए का डिमांड नोट जारी किया, एक बार नोटिस भी भेजा, लेकिन वसूली शून्य रही। हैरानी की बात यह है कि इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और न तो बकाया वसूला गया, न ही सख्त कार्रवाई हुई।

स्थिति यहीं नहीं थमी। वित्तीय वर्ष 2025-26 का शुल्क भी अब तक जमा नहीं कराया गया है। यानी दो साल से राजस्व अटका है, जबकि अवैध एलईडी संचालकों पर कोई प्रभावी दबाव नहीं बनाया गया। नतीजा यह रहा कि शहर में एक-एक कर 14 से अधिक नए एलईडी डिस्प्ले और खड़े हो गए। इस अवैध कारोबार से निगम को करोड़ों रुपए का राजस्व हानि हुई।

निगम की कार्रवाई पर सवाल

दो एलईडी के खिलाफ पहले डिमांड नोट जारी हुआ था, उनसे भी राशि वसूलने में निगम पूरी तरह विफल रहा।
नोटिस जारी करना महज औपचारिकता बनकर रह गया है।

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