एसीबी ने नगरीय विकास एवं आवासन विभाग (यूडीएच) के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीना व संयुक्त सचिव मनीष गोयल सहित चार लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। उदयपुर एसीबी ने बुधवार को जयपुर एसीबी मुख्यालय थाने में एफआइआर दर्ज करवाई है, जिसमें कुंजीलाल मीना, मनीष गोयल, यूडीएच के अनुभाग अधिकारी हरिमोहन और दलाल लोकेश जैन को नामजद किया है।
जयपुर. एसीबी ने नगरीय विकास एवं आवासन विभाग (यूडीएच) के प्रमुख शासन सचिव कुंजीलाल मीना व संयुक्त सचिव मनीष गोयल सहित चार लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। उदयपुर एसीबी ने बुधवार को जयपुर एसीबी मुख्यालय थाने में एफआइआर दर्ज करवाई है, जिसमें कुंजीलाल मीना, मनीष गोयल, यूडीएच के अनुभाग अधिकारी हरिमोहन और दलाल लोकेश जैन को नामजद किया है।
जबकि अन्य अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, कुंजीलाल मीना व मनीष गोयल किसी से विशेष बात करनी होती तो वाट्सऐप कॉल करते थे। बताया जाता है कि दलाल के मोबाइल में वाट्सऐप कॉल में दोनों अधिकारियों का नंबर भी मिला है।
ऐसे चला रिश्वत का खेल
गौरतलब है कि यूडीएच में रिश्वत का खेल उजागर होने के बाद से ही अधिकारी खुद को बचाने की जुगत में लगे हैं। परिवादी की भू-रूपांतरण की फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी थी और परिवादी यूडीएच के आला अधिकारियों के यहां कई चक्कर लगा चुका था, लेकिन उसकी फाइल पर सुनवाई नहीं हुई। परिवादी देवीलाल चौधरी की दलाल लोकेश जैन से मुलाकात हुई। दलाल ने 25 लाख रुपए में परिवादी का काम करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन रकम अधिक होने पर परिवादी पहले तैयार नहीं हुआ। इस दौरान परिवादी ने एसीबी में शिकायत की और इसके बाद दलाल ने 2 मई को 12 लाख रुपए में परिवादी को एनओसी दिलाने का सौदा तय किया। एसीबी सूत्रों के मुताबिक, दलाल से जैसे ही रिश्वत के 12 लाख रुपए का सौदा तय हुआ।
तभी उसकी फाइल जयपुर में आला अधिकारियों के यहां से दौड़ने लगी और 5 मई को यूडीएच के आला अधिकारियों ने एनओसी जारी करने की स्वीकृति दे दी। इससे आला अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है।