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दोस्त ने ही दिया दोस्त को धोखा, ऐसे लगाया करीब एक करोड़ का चूना

जिला परिषद का एक लिपिक रिकॉर्ड के आधार पर ऐसा लग रहा है कि वह आदतन ठग है। धोखाधड़ी के चार मामलों में फंसने के बाद अब अपने ही दोस्त को धोखा देकर करीब एक करोड़ की ठगी कर ली। हरियाणा निवासी उसके दोस्त ने शिवाजी पार्क में केस दर्ज कराया है।
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अलवर

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Kirti Verma

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Updated: 11 May 2023, 2:05 PM IST

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अलवर. जिला परिषद का एक लिपिक रिकॉर्ड के आधार पर ऐसा लग रहा है कि वह आदतन ठग है। धोखाधड़ी के चार मामलों में फंसने के बाद अब अपने ही दोस्त को धोखा देकर करीब एक करोड़ की ठगी कर ली। हरियाणा निवासी उसके दोस्त ने शिवाजी पार्क में केस दर्ज कराया है। पुलिस आए दिन जिला परिषद में दबिश दे रही है लेकिन वह फरार है। जिला परिषद के अधिकारियों ने लिपिक के घर नोटिस भेजा है। कहा है कि वह जांच में सहयोग करे।

हरियाणा के झज्जर निवासी गोपी राम सैनी आदि ने बुद्धविहार में जमीन खरीदने के लिए अपने मित्र जिला परिषद के लिपिक भूपेंद्र कुमार का सहारा लिया। 4000 गज जमीन का सौदा हुआ। जिस जमीन के लिए बातचीत हुई वह जमीन नहीं दिलाई गई। लिपिक ने शुरूआत में 20 लाख रुपए भी ले लिए। जब गोपीराम को जमीन की रजिस्ट्री करानी थी तो भूपेंद्र ने चकमा देना शुरू कर दिया। बाद में जिस जमीन की खरीद करनी थी उसकी पूछताछ करके यह लोग वहां पहुंचे तो मौके पर कबाड़ी की दुकान मिली। झज्जर के दोस्त ने लिपिक के घर पर संपर्क किया लेकिन उसने अच्छा व्यवहार नहीं किया। उसके बाद पीड़ितों ने शिवाजी पार्क में लिपिक के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

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बाबू यहां भी कर चुका ठगी

विभाग के लोगों ने इस ठगी को बेस बनाते हुए एक पत्र सरकार को भी भेज दिया है। उन्होंने कहा है कि झुंझनूं में एक व्यक्ति को पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर 15 लाख की ठगी की। हालांकि ये मामला कोर्ट में है। उसके बाद एक सहायक अभियंता को जमीन के पैसे चेक के रूप में दिए तो वह भी बाउंस हो गया, यह मामला भी कोर्ट में चल रहा है। कई अन्य मामले भी सामने आए हैं। इस पर लोगों ने विभाग के जिम्मेदारों को भी लपेटा है। साथ ही कार्रवाई की मांग की है।


जिला परिषद को भी लगाई चपत... अफसर सदा रहे मेहरबान
संबंधित लिपिक ने जिला परिषद को भी चूना लगाया है। जन सहभागिता से लेकर कई योजनाओं में वित्तीय अनियमितता की हैं। उस दौरान उस पर कार्रवाई नहीं की। केवल सीट बदल गई। जांच कमेटी ने रिपोर्ट दी कि उसे निर्माण व जन सहभागिता जैसी सीट न दी जाए लेकिन अफसर पूरी तरह मेहरबान रहे। पूर्व की जांचों पर पानी फेर दिया और फिर से जन सहभागिता सीट दे दी गई। कई लोगों ने अब सरकार को शिकायत की है। कहा है कि एक ठगी करने वाले लिपिक को पाल-पोष रहे हैं। कई अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा है कि परिषद में कुछ अच्छा नहीं चल रहा है।

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लिपिक बिना सूचना के गायब
लिपिक भूपेंद्र कुमार की तलाश में पुलिस परिषद कार्यालय आई थी। लिपिक बिना सूचना के गायब है। इस संबंध में उसके घर पर नोटिस भेजा गया है। जांच में लिपिक को सहयोग करना चाहिए।
रेखा रानी व्यास, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद