Dam Safety Act: मानसून 2026 से पहले केंद्र सरकार ने देशभर के करीब 6 हजार बांधों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में राजस्थान के 315 बांधों का तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है, जिसमें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बांसवाड़ा जोन के प्रमुख बांध शामिल हैं।
Central Govt Dam Safety Survey: राजस्थान में छोटे-बड़े बांधों की सेहत जांचने का काम शुरू हो गया है। डेम सेफ्टी एक्ट के तहत राजस्थान के 315 बांधों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि मानसून से पहले किसी भी खतरे या कमी को समय रहते दूर किया जा सके। जांच के दौरान बांधों की मजबूती, रखरखाव, मरम्मत, जलभराव क्षमता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बांधों के भराव क्षेत्र में अतिक्रमण तो नहीं बढ़ गए, जिससे पानी की आवक प्रभावित हो रही हो। जयपुर के रामगढ़ बांध सहित कई बांधों के कैचमेंट एरिया का भी सर्वे किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
हिंगोनिया, खरड़, कालख सागर, बूचेड़ा, छापरवाड़, शील की डूंगरी, रामगढ़, छितोली, कानोता, कूकस, चंद्राना, माधो सागर, सैंथल सागर, मौरेल, रेरिया, बिनोर सागर, सिंथोली, ढील, सूरवाल, मोरसागर, मानसरोवर, देवपुरा, जग्गर, कालीसिल, पांचना, भेरूंडा, बिशनसमंद, टोरडी़ सागर, गलवा, मासी, मंगलसर, जयसागर, सिलीसेढ़, बंध बरेठा, पार्वती बांध, बीसलपुर, ईसरदा।
केंद्र सरकार डेम सेफ्टी एक्ट के तहत देशभर के करीब 6 हजार बांधों की पहली बार संयुक्त जांच करवा रही है। इस का उद्देश्य बांधों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा और रखरखाव की वास्तविक जानकारी जुटाना है। जांच के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी, जिससे बदहाल स्थिति वाले बांधों की पहचान हो सके। बताया जा रहा है कि ऐसे बांधों के सुधार और मरम्मत के लिए केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जा सकती है।