20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान के SMS अस्पताल में चमत्कार: मरीज की एक साथ 3 हार्ट सर्जरी, दुनिया में 10 से कम केस

Cardiac Surgery Success Story: सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के चिकित्सकों ने 8 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन में एक मरीज की तीन दुर्लभ हार्ट सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी। चिकित्सकों का दावा है कि प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है। चिकित्सकों के अनुसार दुनिया में ऐसे 10 से भी कम मामले दर्ज हैं, जहां ये तीनों सर्जरी एक साथ की गई हों।

2 min read
Google source verification
Rare cardiac surgery,Jaipur

राजस्थान में पहली बार मरीज की एकसाथ 3 हार्ट सर्जरी, पत्रिका फोटो

Cardiac Surgery Success Story: सवाई मानसिंह अस्पताल जयपुर के कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के चिकित्सकों ने 8 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन में एक मरीज की तीन दुर्लभ हार्ट सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी। ऑपरेशन के बाद मरीज स्वस्थ बताया जा रहा है। चिकित्सकों का दावा है कि प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है। चिकित्सकों के अनुसार दुनिया में ऐसे 10 से भी कम मामले दर्ज हैं, जहां ये तीनों सर्जरी एक साथ की गई हों।

सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि मरीज को जन्मजात महाधमनी संकीर्णता (कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा) थी। इसके साथ ही हार्ट वॉल्व और महाधमनी का आर्च भी गंभीर रूप से खराब था। समय पर सर्जरी नहीं होने पर एक वर्ष के भीतर मरीज की जान को करीब 80 प्रतिशत तक खतरा था।

तीन जटिल प्रक्रियाएं एक साथ

  • सबसे पहले बेंटल प्रक्रिया के तहत खराब हार्ट वॉल्व और महाधमनी को कृत्रिम ग्राफ्ट से बदला गया तथा कोरोनरी आर्टरी को दोबारा जोड़ा गया।
  • इसके बाद टोटल आर्च रिप्लेसमेंट किया गया, जिसमें महाधमनी के पूरे आर्च (बोवाइन आर्च) को आर्च ग्राफ्ट से बदला गया। इस प्रक्रिया के लिए मरीज के शरीर का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक कम कर 32 मिनट तक रक्त संचार रोका गया। इस दौरान मस्तिष्क को सुरक्षित रखने के लिए अलग से रक्त प्रवाह जारी रखा गया।
  • अंत में सीओए रिपेयर किया गया, जिसमें महाधमनी के संकरे हिस्से को हटाकर वहां आर्च ग्राफ्ट लगाया गया।

इसलिए खास है यह मामला

चिकित्सकों का कहना है कि बेंटल प्रक्रिया, टोटल आर्च रिप्लेसमेंट और सीओए रिपेयर जैसी तीन जटिल सर्जरी एक साथ होना बेहद दुर्लभ है। उनका दावा है कि भारत में संभवत: पहली बार ऐसा ऑपरेशन किया गया है। अलग‑अलग ऑपरेशन में हर बार 5 से 8 प्रतिशत तक जान का खतरा रहता है। तीनों सर्जरी एक साथ करने से जोखिम करीब 62 प्रतिशत तक बढ़ गया था, लेकिन टीम के प्रयासों से ऑपरेशन सफल रहा और मरीज को नया जीवन मिला।

मां योजना में निशुल्क इलाज

मरीज का इलाज राज्य सरकार की मां योजना के तहत निशुल्क किया गया। ऑपरेशन के दौरान मरीज को 6 यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद उसे 14 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया और तीसरे दिन आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर चल‑फिर रहा है।

टीम वर्क से मिली सफलता

इस जटिल सर्जरी को डॉ. अनिल शर्मा के निर्देशन में डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. सौरभ मित्तल, डॉ. वक्ता राम चौधरी, डॉ. गौरव, डॉ. प्रीतांशी, डॉ. राकेश, डॉ. कुलराज, डॉ. सूरज, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट डॉ. रीमी मीना, डॉ. अंजुम, डॉ. अरुण, परफ्यूजनिस्ट प्रांजलि, पुलकित, आरती तथा नर्सिंग इंचार्ज सुधा और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।