
जयपुर। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के वितरण पर लगी पाबंदी को केंद्र सरकार ने हटा दिया है, जिसके बाद होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोहों में अब जरूरत के अनुसार सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। इससे बाजार में कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर बनी दिक्कतें खत्म होने की उम्मीद है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के तहत कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर पहले से लागू रोक को हटाते हुए आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य कर दिया गया है।
हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के नए एलपीजी कनेक्शन पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी और इसमें किसी तरह की राहत नहीं दी गई है। पहले शादी समारोहों के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर लेने के लिए जिला रसद अधिकारी के यहां आवेदन कर स्टॉक रिलीज करवाना पड़ता था, जिसके बाद सीमित मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब इस प्रक्रिया की जरूरत समाप्त हो जाएगी और उपभोक्ताओं को सीधे आपूर्ति मिल सकेगी। राजस्थान में 19 किलोग्राम का कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर करीब 3141 रुपए में मिल रहा है।
मंत्रालय ने तीनों ऑयल कंपनियों को सभी कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं का डेटा बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऐसे वाणिज्यिक या बल्क उपभोक्ता जिन्होंने पीएनजी अपना ली है, उन्हें पीएनजी पर ही बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि अप्रेल महीने में खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने बताया था कि गैस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि शहरी क्षेत्र में शादी वाले परिवार को 3 और ग्रामीण में 19 किलो के 2 व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध कराए जाए। इसके लिए जिला रसद अधिकारी को आवेदन के साथ शादी का कार्ड प्रस्तुत करना होगा।
इससे पूर्व केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 23 मार्च से राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी का कोटा बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था। अमरीका-ईरान युद्ध और इंधन संकट के चलते पहले केवल 30 प्रतिशत कोटा ही आवंटित था। सरकार के इस कदम से पर्यटन, होटल और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को आंशिक राहत मिली थी। इससे पहले भी गैस कंपनियों ने पांच किलो के सिलेंडर कनेक्शन की कीमत में 11 रुपए और रिफिल की कीमत में 26 रुपए की वृद्धि की थी। इससे छोटे उपभोक्ताओं और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा था।