
Rajasthan Village Digital Data: राजस्थान के गांवों की कला, संस्कृति और अनूठी विरासत अब सात समंदर पार तक अपनी चमक बिखेरेगी। केंद्र सरकार के 'मेरा गांव मेरी धरोहर' प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान के 40 हजार में से 25 हजार से ज्यादा गांवों का डिजिटल डेटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इस पहल से न केवल ग्रामीण पर्यटन (रूरल टूरिज्म) को पंख लगेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे गांवों की पहचान डिजिटल रूप में संरक्षित हो रही है और देश-विदेश के लोग अब आसानी से राजस्थान की ग्रामीण विरासत को जान और समझ सकेंगे।
अब गांवों की बनेगी 2-3 दिन की ट्रिप: अब विदेशी और घरेलू पर्यटक जयपुर या अन्य बड़े शहरों के साथ-साथ पास के गांवों की भी 2-3 दिन की ट्रिप आसानी से प्लान कर सकेंगे। मंत्रालय का मानना है कि इस डिजिटल पहुंच से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छोटे स्तर के व्यवसायों, होमस्टे और स्थानीय गाइड्स को भी सीधा लाभ मिलेगा। गांवों में पर्यटन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
इन बिंदुओं पर केंद्रित डिजिटल प्रोफाइल: ऐतिहासिक विरासत, ग्रामीण पर्यटन, तीज-त्योहार, पारंपरिक शिल्प, खान-पान, पहनावा व गहने, धार्मिक मान्यताएं, गांव के प्रसिद्ध व्यक्तित्व और प्रमुख लोक कला को शामिल किया गया है। इससे हर गांव की अलग पहचान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तैयार की जा रही है।
पोर्टल पर अपलोड किए गए उदाहरणों में सांगानेर के विधानी गांव का मंदिर भी शामिल है, जो स्थानीय आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। ऐसे कई गांवों की जानकारी अब एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही है।
आप भी अपने गांव की जानकारी और धरोहर को पोर्टल पर जाकर देख सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट mgmd.gov.in पर विजिट कर सकते हैं, जहां सभी गांवों की डिजिटल प्रोफाइल उपलब्ध है।
जयपुर जिले में विभिन्न क्षेत्रों के गांवों को ऑनलाइन पोर्टल पर शामिल किया गया है। इसमें चाकसू, आमेर, फागी, बस्सी, चौमूं, फुलेरा, कोटखावदा, किशनगढ़-रेनवाल, कोटपूतली, मौजमाबाद, पावटा, जयपुर, दूदू जैसे क्षेत्रों के सैकड़ों गांव डिजिटल रूप से दर्ज किए गए हैं। इससे ग्रामीण डेटा और विरासत को संरक्षित किया जा रहा है।
| क्षेत्र | संख्या |
| चाकसू | 212 |
| आमेर | 184 |
| फागी | 168 |
| बस्सी | 152 |
| चौमूं | 120 |
| फुलेरा | 120 |
| कोटखावदा | 120 |
| किशनगढ़-रेनवाल | 100 |
| कोटपूतली | 80 |
| मौजमाबाद | 80 |
| पावटा | 80 |
| जयपुर | 72 |
| दूदू | 60 |