जयपुर

सेंट्रल यूनिवर्सिटी और वनस्थली विद्यापीठ शिक्षकों के लिए तैयार करेंगे आॅनलाइन कोर्स

— मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के 75 नेशनल रिसोर्स सेंटर्स को किया अधिसूचित

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May 07, 2018
Central University online course for teachers will be prepare
Central University online course for teachers will be prepare

जयपुर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उच्च/शिक्षा फैकल्टी के ऑनलाइन पेशेवर विकास का कार्यक्रम शुरू किया है। इसके लिए पहले चरण में देश के 75 अध्‍ययन-विषय विशेष राष्‍ट्रीय संसाधन केन्‍द्र चिन्हित किए गए हैं। इन केन्‍द्रों से अध्‍ययन-विषय विशेष में नवीनतम विकास, उभरती प्रवृत्तियों, शैक्षणिक सुधार और संशोधित पाठ्यक्रम लागू करने के लिए तौर-तरीकों पर फोकस के साथ ऑनलाइन प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने को कहा है। ये सेंटर्स शिक्षकों के लिए आॅनलाइन कोर्स तैयार करेंगे, इससे करीब 15 लाख उच्च शिक्षा की फैकल्टी को लाभ मिलेगा।

राजस्थान के दो
इसके तहत राजस्थान की सेंट्रल यूनिवर्सिटी को पब्लिक पॉलिसी और एडमिनिशट्रेशन की आॅनलाइन सामग्री तैयारी करनी है। वनस्थली विद्यापीठ को मैनेजमेंट की तैयारी के लिए आॅनलाइन सामग्री तैयार करनी होगी।

इन्हें किया अधिसूचित
विभिन्‍न संस्‍थान जैसे केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालयों में शिक्षण और प्रशिक्षण पर बने पंडित मदनमोहन मालवीय राष्‍ट्रीय मिशन (पीएमएमएमएनएमटीटी), आईआईएससी, आईयूसीएए, आईआईटी, आईआईएसईआर, एनआईटी, राज्‍य के विश्‍वविद्यालय, विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग के मानव संसाधन विकास केन्‍द्र (एचआरडीसी), राष्‍ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण संस्‍थान (एनआईटीटीटीआर), आईआईआईटी और मुक्‍त विश्‍वविद्यालयों को राष्‍ट्रीय संसाधन केन्‍द्र (एनआरसी) के रूप में अधिसूचित किया गया है।

ये हैं विषय
इन संसाधन केन्‍द्रों में एनआरसी, समाज विज्ञान, विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्‍नोलॉजी, डिजाइन और मैन्‍यूफैक्‍चरिंग, कला, भाषा, शिक्षण, वाणिज्‍य, प्रबंधन, शिक्षा नियोजन और प्रशासन, लोक नीति, नेतृत्‍व और शासन संचालन, पुस्‍तकालय और सूचना विज्ञान, खगोल विज्ञान तथा खगोल भौतिकी, निर्धारण और मूल्‍यांकन, अध्‍यापन कला और शोध विधि, नैनो साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स जैसे विभिन्‍न अध्‍ययन-विषय हैं।

ये होगा फायदा
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विषय और वरिष्‍ठता को अलग रखते हुए सेवारत सभी शिक्षकों के लिए प्रौद्योगिकी आधारित ऑनलाइन रिफ्रेशर कोर्स के माध्‍यम से अपने-अपने विषयों में हुए नए विकास के कार्य बताने का अवसर मिलेगा। राष्‍ट्रीय संसाधन केन्‍द्र रिफ्रेशर मॉड्यूल विकसित करेंगे। प्रत्‍येक वर्ष 1 अक्‍टूबर से सभी शिक्षकों को स्‍वयं के माध्‍यम से प्रशिक्षण सामग्रियां अपलोड करके उपलब्‍ध कराई जाएंगी। इसकी सफलता पर इसे जनवरी में दोहराया जाएगा। फैकल्‍टी को इस कार्यक्रम से लाभ होगा।

Published on:
07 May 2018 09:35 am