71 साल में पहली बार कई नवाचारगतिविधियों के कैलेण्डर में दिखाई देगी तब्दीली
अजमेर. साल 2020 में प्रवेश से परीक्षाओं तक सबकुछ बदल जाएगा। देश के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जबकि सीबीएसई में 1 अप्रेल और सरकारी-निजी यूनिवर्सिटी-कॉलेज में 1 जुलाई से सत्र शुरू नहीं होगा। कक्षाओं में दाखिले, परीक्षाएं और सत्र की गतिविधियों के कैलेंडर में तब्दीली दिखाई देगी। पहली बार कई नवाचार प्रारंभ होंगे। इसका असर सत्र 2021-22 या इसके बाद भी दिख सकता है। कोरोना लॉकडाउन ने शैक्षिक संस्थानों पर सबसे ज्यादा असर डाला है। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के लाखों विद्यार्थियों की वार्षिक-सेमेस्टर परीक्षाएं मार्च में ही स्थगित हो गई थीं। सीबीएसई से जुड़े स्कूल में 1 अप्रेल से नया सत्र शुरू नहीं हो सका। केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और निजी-पब्लिक स्कूल में नए प्रवेश भी नहीं हो पाए हैं।
ऑनलाइन-जूम कक्षाओं की शुरुआत
कोरोना लॉकडाउन से फायदा भी हुआ है। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, विश्वविद्यालय ऑनलाइन और जूम एप से कक्षाएं, वेबिनार जैसी तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते थे। बीते 2 माह से ऑनलाइन शिक्षण ही शिक्षकों-विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित हो रही है। 2020-21 से यह स्थाई-अस्थाई रूप से संस्थानों के कामकाज का हिस्सा बनने को तैयार है।
जुलाई में चलेंगी सिर्फ परीक्षाएं
इस बार पूरा जुलाई परीक्षाओं के नाम रहेगा। नीट-जेईई मेन जेईई मेन परीक्षा 18 से 23 जुलाई के दौरान होगी। जबकि नीट 26 जुलाई को होगी। सीबीएसई की परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई तक होंगी। कई आईआईटी, आईआईएम, तकनीकी विश्वविद्यालयों-इंजीनियरिंग कॉलेज के सेमेस्टर परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं।
अगस्त-सितंबर से नया सत्र
उच्च, तकनीकी, मेडिकल विश्वविद्यालय, सरकारी-निजीकॉलेज भी कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए हैं। यूजीसी की विशेष समिति ने देश के सभी कॉलेज-विश्वविद्यालयों को 1 जुलाई के बजाय अगस्त या सितंबर में सत्र 2020-21 शुरू करने को कहा है। यूजीसी के प्रस्तावित कैलेंडर में साल 2021 तक परीक्षा, अवकाश और कार्यक्रमों में तब्दीली की गई है।
- नए सत्र में निश्चित तौर पर कई बदलाव होंगे। राज्य का बड़ा कॉलेज होने के नाते कक्षाओं से परीक्षाओं तक बदलाव दिखेगा।
डॉ. एम.एल.अग्रवाल, प्राचार्य एसपीसी-जीसीए
- ऑनलाइन कक्षाओं की शुरूआत हो चुकी है। इस साल समारोह, परीक्षाओं और अन्य आयोजनों में काफी सतर्कता बरतनी होगी।
डॉ. उमाशंकर मोदानी, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज