
Jaipur: एसओजी की गिरफ्त में आरोपी बालकंवर सैनी (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। राजस्थान में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में खेल कोटे के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने के लिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार करने के मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने खाली हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए थे, जिनका बाद में दुरुपयोग कर फर्जी खेल प्रमाण-पत्र तैयार किए गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अभ्यर्थियों ने सरकारी नौकरी हासिल करने की कोशिश की।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2021-22 की तृतीय श्रेणी अध्यापक (लेवल-1) भर्ती परीक्षा में खेल कोटे के तहत चयनित कुछ अभ्यर्थियों के ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र संदिग्ध पाए गए थे। जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी खेल प्रमाण-पत्रों के साथ ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद के नाम से बनाई गई फर्जी ई-मेल आईडी के जरिए नकली सत्यापन रिपोर्ट भी तैयार की गई थी। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियां हासिल करने का प्रयास किया गया।
इस मामले में एसओजी थाने में वर्ष 2024 में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, आपराधिक साजिश और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। इससे पहले आरोपी सियाराम गुर्जर को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसने फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र के आधार पर शिक्षक की सरकारी नौकरी हासिल की थी।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कप्तान सिंह ने सियाराम गुर्जर से 40 हजार रुपये लेकर उसे फर्जी प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया था। पूछताछ में उसने बताया कि अपने रिश्तेदार मनोज कुमार गुर्जर के कहने पर उसने विष्णु भाखड़ीवाल से करीब 60 हजार रुपये देकर मुद्रित ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र हासिल किए थे और बाद में अभ्यर्थियों से रकम वसूली थी।
एसओजी की जांच में गिरफ्तार आरोपी बालकंवर सैनी (33) की भूमिका भी सामने आई। जांच के अनुसार वह वर्ष 2017 में जयपुर में ताइक्वांडो अकादमी संचालित करता था। उसी दौरान राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता में राजस्थान ताइक्वांडो एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से हस्ताक्षरित कुछ रिक्त प्रमाण-पत्र उसे दिए गए थे। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद चार खाली प्रमाण-पत्र उसके पास सुरक्षित रह गए।
बाद में यही रिक्त प्रमाण-पत्र विष्णु भाखड़ीवाल और कप्तान सिंह तक पहुंचे। आरोप है कि विष्णु भाखड़ीवाल ने अपने हस्तलेख से इन्हें भरकर फर्जी खेल प्रमाण-पत्र तैयार किए और इसके बदले करीब 60 हजार रुपये वसूले। इस राशि में से लगभग 20 हजार रुपये बालकंवर सैनी को दिए गए थे।
एसओजी ने आरोपी बालकंवर सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाण-पत्रों के जरिए कितने लोगों ने सरकारी नौकरी हासिल की या करने का प्रयास किया। मामले में आगे की जांच जारी है।
Updated on:
31 Jul 2026 09:09 pm
Published on:
31 Jul 2026 05:58 pm
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