Civil Services Day : आज सिविल सेवा दिवस है। केंद्र के चार मंत्रालयों की कमान राजस्थान कैडर के आइएएस के हाथ में है। यही नहीं आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी राजस्थान कैडर के आइएएस रहे हैं।
Civil Services Day : आज सिविल सेवा दिवस है। राजस्थान की जनता को गर्व करने का मौका है। केंद्र के चार मंत्रालयों की कमान राजस्थान कैडर के आइएएस के हाथ में है, वहीं वित्त, पर्यटन, कैबिनेट सचिवालय, नीति आयोग और लोकसभा जैसे प्रमुख विभागों-संस्थानों में भी यहां के अफसर प्रमुख भूमिका में हैं। देश के शीर्ष बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी राजस्थान कैडर के आइएएस रहे हैं।
प्रदेश के मौजूदा मुख्य सचिव वी श्रीनिवास केंद्र में लंबी पारी पूरी कर भले राजस्थान लौट आए, लेकिन पूर्व मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित राजस्थान कैडर के चार अधिकारी अब भी केंद्र के चार मंत्रालयों के सचिव हैं। उम्मीद है इनमें से भी कुछ अधिकारी इसी साल और बड़े पदों पर नजर आएंगे। वर्तमान में भी आरबीआइ गवर्नर के रूप मे संजय मल्होत्रा देश में आर्थिक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
नाम-मंत्रालय
सुधांश पंत- सामाजिक न्याय अधिकारिता
रजत कुमार मिश्रा- रसायन एवं उर्वरक
तन्मय कुमार- वन-पर्यावरण
नरेशपाल गंगवार- पशुपालन-डेयरी।
रोली सिंह- अध्यक्ष, राष्ट्रीय रासायनिक हथियार समझौता प्राधिकरण
राजीव सिंह ठाकुर- सलाहकार, नीति आयोग
रोहित कुमार- अतिरिक्त सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय
मुग्धा सिन्हा- प्रबंध निदेशक, भारत पर्यटन विकास निगम लि
देबाशीष पृष्टी- अतिरिक्त सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग।
आइएएस के कुल पद-332
कार्यरत अधिकारी-282
शीर्ष पर इंजीनियर : मुख्य सचिव श्रीनिवास सहित शीर्ष 10 आइएएस में से 8 इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से है। कुल 104 अधिकारी इंजीनियर हैं।
संख्याबल में आर्ट्स वाले आगे : 122 आइएएस अधिकारी आर्ट्स बैकग्राउंड से हैं।
एमबीबीएस भी संभाल रहे ब्यूरोक्रेसी : 23 आइएएस एमबीबीएस हैं।
लोक प्रशासन से सिर्फ चार और 6 अधिकारी टीचिंग बैकग्राउंड से हैं।
सिविल सेवा दिवस हर वर्ष 21 अप्रैल को भारत में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पहले बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल की याद में मनाया जाता है। 21 अप्रैल 1947 को सरदार पटेल ने मेटकाफ हाउस, दिल्ली में नव-नियुक्त आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया था। उन्होंने उन्हें 'स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया' (भारत का इस्पाती ढांचा) कहा था और लोक सेवा, निष्ठा तथा अखंडता की शपथ दिलाई थी।इस दिन देशभर में सिविल सेवकों के योगदान को सम्मानित किया जाता है।
विभिन्न राज्यों में पुरस्कार समारोह, सेमिनार और चर्चाएं आयोजित की जाती हैं, जिनमें उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को 'प्रधानमंत्री पुरस्कार' दिए जाते हैं। यह दिवस सिविल सेवकों को प्रेरित करता है कि वे ईमानदारी, निष्पक्षता और जनसेवा के सिद्धांतों पर चलें। आज के बदलते समय में यह दिन लोकतंत्र की मजबूती और सुशासन के महत्व को रेखांकित करता है।