
जयपुर। सरकारी स्कूलों के निरीक्षण को लेकर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) और ग्रामीणों के बीच हुआ विवाद अब बढ़ता नजर आ रहा है। रामपुरा कंवरपुरा स्कूल के दौरे के दौरान सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनकी टीम के साथ मारपीट की घटना के बाद पार्टी ने अपने दूसरे स्कूल के दौरे को फिलहाल स्थगित कर दिया है। सीजेपी की ओर से बताया गया कि कई कार्यकर्ता घायल हैं और ऐसे में उनका इलाज कराना जरूरी है।
दरअसल, सीजेपी की ओर से 21 अगस्त को जयपुर के दो सरकारी स्कूलों का दौरा प्रस्तावित था। पार्टी के Co-Convener और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के नेतृत्व में टीम को सुबह 8 बजे बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय और इसके बाद सुबह 11:30 बजे वाटिका रोड स्थित भट्टा वाला राजकीय सरकारी स्कूल का दौरा करना था।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत सीजेपी की टीम रामपुरा कंवरपुरा स्कूल पहुंची थी। यहां स्कूल के निरीक्षण को लेकर ग्रामीणों और सीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई। सीजेपी ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आशुतोष रांका के साथ मारपीट की।
घटना के बाद सीजेपी के कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात सामने आई। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि कुछ कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार कराया जा रहा है। इसी के चलते अब दूसरे स्कूल के दौरे को स्थगित करने का फैसला लिया गया है।
सीजेपी की ओर से रेखा शर्मा ने बताया कि पार्टी की टीम को सुबह 11:30 बजे वाटिका रोड स्थित स्कूल का दौरा करना था, लेकिन फिलहाल यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से पार्टी को जानकारी दी गई कि वाटिका रोड स्थित स्कूल के आसपास भी कुछ लोग इकट्ठा हो गए हैं।
रेखा शर्मा ने कहा कि 'आज हम वाटिका स्कूल जाने वाले थे, लेकिन वहां पर भी कुछ गुंडे इकट्ठा हो गए हैं। पुलिस की ओर से हमें इसकी जानकारी दी गई है।' उन्होंने कहा कि रामपुरा कंवरपुरा की घटना में सीजेपी के कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ऐसे में जब तक घायलों का इलाज नहीं हो जाता, तब तक वाटिका स्कूल जाने का कार्यक्रम स्थगित किया जा रहा है।
घटना के बाद आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम पर हमला सुनियोजित तरीके से किया गया। रांका ने कहा कि स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने के लिए टीम निरीक्षण करने पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी। रांका ने कहा कि उनकी टीम डरने वाली नहीं है और बच्चों की शिक्षा और सरकारी स्कूलों की स्थिति से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और इसी उद्देश्य से सीजेपी की टीम निरीक्षण कर रही थी।
दूसरी तरफ राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पूरे मामले पर कहा कि विद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जानकारी में आया है कि कुछ कथित राजनीतिक दलों से जुड़े लोग विद्यालयों में जाकर अनावश्यक रूप से माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दिलावर ने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का पवित्र परिसर है और यहां राजनीति के बजाय शिक्षा, संस्कार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों और आमजन से अपील की कि वे ऐसे प्रयासों से बचें और स्कूलों की गरिमा तथा शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें।