
CM Bhajanlal : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिला स्तरीय जन अभाव अभियोग निराकरण समितियों के सदस्यों में आगामी निकाय एवं पंचायत चुनावों को लेकर जोश भरते हुए कहा कि विधानसभा और लोकसभा के चुनाव नेताओं के होते हैं, लेकिन निकाय और पंचायत चुनाव कार्यकर्ताओं के हैं। इन्हें गंभीरता से लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार ने ढाई साल में जो काम किया है, उसे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच साल से तुलना कर बताना है। इसलिए सीना ठोककर जनता के बीच जाएं और सरकार के काम बताएं। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विभिन्न जिलों के समिति सदस्य भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ भी मौजूद रहे।
सीएम भजनलाल शर्मा ने वन स्टेट-वन इलेक्शन का जिक्र करते हुए पिछली कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने निकाय और पंचायत चुनावों को दो-दो साल खींच दिया। इससे विकास के काम प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के एक नेता (गोविन्द सिंह डोटासरा का नाम लिए बिना) ने कहा था कि आपके 'काकाजी' भी एक राज्य-एक चुनाव नहीं करा सकते। मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि- देख लो यह काम आपका ही 'काकाजी' कर रहा है।
सीएम भजनलाल ने समिति सदस्यों से कहा कि वे केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहें। उपखंड स्तर पर समितियों की बैठक में जाएं और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचें। गांव के लोगों की रुचि, खेती की स्थिति और उनकी जरूरतों को समझें। अब सहकारिता के चुनाव भी होने हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन चुनावों को भी गंभीरता से लेने और जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया।
सीएम भजनलाल ने अधिकारियों को भी स्पष्ट संदेश देने की बात कही कि, सरकार की प्राथमिकता कार्यकर्ता है। कार्यकर्ता की पहचान और उसका मान-सम्मान बढ़ना चाहिए। जनता की सार्वजनिक समस्या लेकर आने वाले जनप्रतिनिधि या कार्यकर्ता की बात को गंभीरता से लेना और समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
सीएम भजनलाल ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि ऐसा वातावरण बनाना होगा कि राजस्थान का युवा रोजगार और अच्छी मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर नहीं हों। गुजरात-महाराष्ट्र के लोग यहां काम करते हुए मिलते हैं क्या? राजस्थान सरकार भी अपने लोगों के लिए यही व्यवस्था कर रही है।