जयपुर

‘सीएम भजनलाल का वनलाइनर…इस्तीफा नहीं, इनको पदों से बर्खास्त ही करना है’

डॉ. सुधीर भंडारी भी आरयूएचएस के कुलपति पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस तरह का संदेश उन्होंने एसीएस शुभ्रा सिंह को भेजा है। पेश है उनसे बातचीत के अंश…
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May 09, 2024
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Organ Transplant Case: अंग प्रत्यारोपण के लिए फर्जी एनओसी जारी करने के मामले में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने स्वीकार किया है कि सवाईमानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ.राजीव बगरहट्टा और सवाईमानसिंह अस्पताल अधीक्षक डॉ.अचल शर्मा के स्वयं आगे बढ़कर एसीबी में शिकायत दर्ज कराने के कारण उनके प्रति नरमी दिखाते हुए सभी से इस्तीफे मांगे गए थे। चिकित्सा मंत्री ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में कहा कि चूंकि पूरे प्रकरण में दोनों वरिष्ठ चिकित्सक भी जिम्मेदार कमेटियों से जुड़े हुए थे और उनके पदों पर रहने के दौरान यह पूरा गिरोह चलता रहा। ऐसे में मुख्यमंत्री का मानना था कि सख्त संदेश देने के लिए पदों से बर्खास्त (टर्मिनेट) करना है। इसके बाद इस्तीफे स्वीकार करने के बजाय उन्हें पदों से बर्खास्त करने का ही निर्णय हुआ। उन्होंने कहा कि डॉ. सुधीर भंडारी भी आरयूएचएस के कुलपति पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस तरह का संदेश उन्होंने एसीएस शुभ्रा सिंह को भेजा है। पेश है उनसे बातचीत के अंश…

सवाल : जब सोच समझकर इस्तीफे मांगे तो बर्खास्त क्यों किया?
जवाब : सीएम की मंशा थी कि इस तरह के गंभीर प्रकरण में सख्त संदेश देना चाहिए। मैंने तो इस्तीफे मंजूर कर लिए थे, लेकिन मंगलवार सुबह सीएम के यहां से एक लाइन का संदेश आया कि इनके इस्तीफे स्वीकार करने के बजाय बर्खास्त (टर्मिनेट) करना है।

सवाल : अब डॉ. सुधीर भंडारी का क्या?
जवाब : उनके खिलाफ गंभीर प्रमाण हैं। उन्हें आरयूएचएस के कुलपति पद से बर्खास्त करने को लेकर गुरुवार को दोपहर 2 बजे राज्यपाल से मुलाकात करूंगा। डॉ. भंडारी के यहां से भी हमारे पास इस्तीफा देने का संदेश आया है।

Updated on:
09 May 2024 11:13 am
Published on:
09 May 2024 11:13 am